देश की प्रमुख ज्वेलरी और निर्यात कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स इन दिनों गंभीर आरोपों के कारण चर्चा में है। बाजार नियामक SEBI की ओर से जारी अंतरिम आदेश के बाद कंपनी के शेयरों में लगातार गिरावट देखी जा रही है। सोमवार को लगातार तीसरे कारोबारी दिन कंपनी का शेयर 5 प्रतिशत के लोअर सर्किट पर पहुंच गया। शेयर करीब 94.50 रुपये पर बंद हुआ। निवेशकों में बढ़ती चिंता का असर सीधे शेयर बाजार में दिखाई दे रहा है।
PLI योजना से बाहर होने की आशंका
मामला केवल शेयरों की गिरावट तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार का भारी उद्योग मंत्रालय एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल बैटरी स्टोरेज के लिए दी गई PLI योजना से कंपनी को हटाने पर विचार कर रहा है। बताया जा रहा है कि अंतिम फैसला संबंधित मंत्रालय और केंद्रीय स्तर की मंजूरी के बाद लिया जाएगा। यदि ऐसा होता है तो कंपनी को भविष्य की बड़ी औद्योगिक योजनाओं में झटका लग सकता है।
SEBI ने लगाए गंभीर आरोप
SEBI ने अपने अंतरिम आदेश में दावा किया है कि कंपनी के कुछ फंड निजी खातों और प्रमोटरों से जुड़ी संस्थाओं के माध्यम से ट्रांसफर किए गए। नियामक का आरोप है कि इन लेन-देन की पूरी जानकारी निवेशकों को नहीं दी गई। इसके अलावा SEBI ने यह भी आशंका जताई है कि वित्त वर्ष 2020-21 से 2024-25 के बीच कंपनी ने अपने राजस्व के आंकड़ों को वास्तविकता से कहीं अधिक दिखाया हो सकता है। इन आरोपों ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है।
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निवेशकों में बढ़ी बेचैनी
SEBI की रिपोर्ट सामने आने के बाद निवेशकों का भरोसा प्रभावित हुआ है। लगातार तीन दिन से शेयर में गिरावट इसी चिंता का संकेत मानी जा रही है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि जब किसी सूचीबद्ध कंपनी पर वित्तीय पारदर्शिता से जुड़े सवाल उठते हैं, तो निवेशकों की प्रतिक्रिया अक्सर तेज होती है। यही वजह है कि कंपनी के शेयरों पर लगातार दबाव बना हुआ है।
कंपनी ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी ओर कंपनी के संस्थापक और चेयरमैन राजेश मेहता ने सभी आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि कंपनी पहले ही जांच एजेंसियों को सैकड़ों जीबी डेटा और लाखों पन्नों के दस्तावेज उपलब्ध करा चुकी है। उन्होंने कहा कि संभव है कुछ जरूरी रिकॉर्ड जांच के दौरान उपलब्ध न हो पाए हों। इसलिए कंपनी अगले कुछ दिनों में फिर से सभी जरूरी दस्तावेज जमा कराएगी और अपना पक्ष मजबूती से रखेगी।
आगे की जांच पर टिकी नजर
फिलहाल पूरे मामले पर बाजार, निवेशकों और उद्योग जगत की नजर बनी हुई है। एक तरफ SEBI की जांच जारी है तो दूसरी तरफ कंपनी खुद को निर्दोष बता रही है। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष और सरकार की ओर से PLI योजना को लेकर लिया गया फैसला कंपनी के भविष्य की दिशा तय कर सकता है। तब तक राजेश एक्सपोर्ट्स से जुड़ी हर नई जानकारी निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बनी रहेगी।