
India takes flight from Lucknow: लखनऊ भारत की रक्षा क्षमता में एक नया अध्याय जोड़ते हुए शनिवार को इतिहास का गवाह बना। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरोजिनी नगर स्थित ब्रह्मोस एयरोस्पेस यूनिट में निर्मित पहली ब्रह्मोस मिसाइल खेप का अनावरण किया। इस मौके पर राजनाथ सिंह ने कहा कि “अब जीत हमारे लिए कोई घटना नहीं, बल्कि आदत बन चुकी है।” उन्होंने बताया कि ‘ब्रह्मोस’ भारत की सुरक्षा का सबसे बड़ा प्रतीक बन गया है — ऐसा सिस्टम जिस पर सेना से लेकर नागरिक तक पूरा भरोसा करते हैं।
ब्रह्मोस भारत की ताकत का व्यावहारिक प्रमाण
रक्षा मंत्री ने कहा कि ब्रह्मोस मिसाइल में भारतीय परंपरा और आधुनिक तकनीक का संगम है, जो थलसेना, नौसेना और वायुसेना — तीनों सेनाओं की रीढ़ बन चुकी है। उन्होंने इसे भारत की सुरक्षा का “प्रैक्टिकल प्रूफ” बताया और कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने साबित किया कि अब भारत किसी भी चुनौती का डटकर सामना करने में सक्षम है। सिंह ने कहा कि ब्रह्मोस के नाम से ही लोगों में आत्मविश्वास पैदा होता है, चाहे वे वैज्ञानिक हों या गांव के आम नागरिक। उन्होंने गर्व से कहा कि अब विरोधियों की हर इंच जमीन ब्रह्मोस की पहुंच में है।
Speaking at the ‘Lokarpan Samaroh’ of Titanium & Superalloys Materials Plant in Lucknow. https://t.co/CHqjdy5ea7
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) October 18, 2025
यह भी देखेंःक्या रूस-यूक्रेन युद्ध का होगा अंत? ट्रंप और जेलेंस्की की मुलाकात से बनी संभावना
लखनऊ बना देश की रक्षा आत्मनिर्भरता का केंद्र’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखनऊ में बनी ब्रह्मोस मिसाइल न केवल भारत की सुरक्षा को सशक्त करेगी बल्कि मित्र देशों की जरूरतें भी पूरी करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के तहत डिफेंस कॉरिडोर ने उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर भारत के मिशन से जोड़ा है। इस मौके पर ब्रह्मोस एयरोस्पेस के डीजी डॉ. जयतीर्थ जोशी ने बताया कि यह लखनऊ यूनिट भारतीय रक्षा निर्माण का गौरव है, जहां मिसाइलों का एकीकरण, परीक्षण और क्वालिटी चेक पूरी तरह भारत में हो रहा है। उन्होंने रक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को 40 करोड़ रुपये का GST चेक भी सौंपा। यह ऐतिहासिक उपलब्धि न केवल UP डिफेंस कॉरिडोर की सफलता है, बल्कि भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सशक्त कदम भी है।