Sweets Price Hike : रक्षाबंधन से ठीक पहले दिल्ली-एनसीआर के मिठाई बाजार में महंगाई का असर साफ दिखाई देने लगा है। चीनी की बढ़ती कीमतों ने मिठाई कारोबारियों और ग्राहकों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। कई दुकानदारों ने मिठाइयों के दाम 10 से 12 प्रतिशत तक बढ़ा दिए हैं, जबकि कुछ कारोबारी अभी भी पुराने रेट पर बिक्री कर रहे हैं। त्योहार के मौके पर बढ़ती लागत और ग्राहकों की उम्मीदों के बीच संतुलन बनाना दुकानदारों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
500 की मिठाई अब 700 में
कारोबारियों का कहना है कि पहले जिस मात्रा की मिठाई 500 रुपये में मिल जाती थी, अब उसके लिए ग्राहकों को 650 से 700 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। चीनी, दूध और अन्य कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर मिठाई के रेट पर पड़ा है। ऐसे में त्योहार का बजट लेकर बाजार पहुंचे लोगों को पहले के मुकाबले ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
दुकानदारों की अलग-अलग रणनीति
कुछ मिठाई विक्रेताओं ने बढ़ती लागत को देखते हुए दाम बढ़ा दिए हैं। पश्चिमी दिल्ली के कई कारोबारियों का कहना है कि उन्हें उत्पादन स्तर पर ही महंगी मिठाई मिल रही है, इसलिए कीमत बढ़ाना मजबूरी है। वहीं कुछ स्थानीय दुकानदार ग्राहकों का भरोसा बनाए रखने के लिए रक्षाबंधन तक पुराने भाव पर ही बिक्री कर रहे हैं। उनका मानना है कि त्योहार के बीच कीमत बढ़ाने से ग्राहक प्रभावित हो सकते हैं।
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प्री-ऑर्डर में दिखी गिरावट
मिठाई कारोबारियों के मुताबिक इस बार रक्षाबंधन के प्री-ऑर्डर में करीब 10 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। सामान्य दिनों की तुलना में बिक्री 80 से 85 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि काजू कतली, बर्फी, सोनपापड़ी और सूखी मिठाइयों की मांग अभी भी बनी हुई है। इसके बावजूद बढ़ती कीमतों ने कई परिवारों को खरीदारी का बजट दोबारा तय करने पर मजबूर कर दिया है।
चॉकलेट गिफ्ट पैक बने विकल्प
मिठाइयों के बढ़ते दामों के बीच कुछ ग्राहक अब चॉकलेट गिफ्ट पैक की ओर भी रुख कर रहे हैं। बाजार में विभिन्न प्रकार के गिफ्ट पैक की मांग बढ़ी है, खासकर युवाओं के बीच। हालांकि कारोबारियों का कहना है कि रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर पारंपरिक मिठाइयों की जगह पूरी तरह कोई नहीं ले सकता। यही वजह है कि कीमतें बढ़ने के बावजूद मिठाई की खरीदारी जारी है।
त्योहार के बाद क्या होगा?
बाजार से जुड़े लोगों का मानना है कि आने वाले दिनों में चीनी की कीमतें और कच्चे माल की लागत सबसे बड़ा फैसला करेंगी। यदि चीनी के भाव ऊंचे बने रहे तो त्योहार के बाद मिठाइयों की कीमतों में एक और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। फिलहाल ग्राहक महंगाई के बीच त्योहार की खुशियां मनाने में जुटे हैं, लेकिन बढ़ते खर्च ने हर घर के बजट पर अतिरिक्त दबाव जरूर बढ़ा दिया है।