Ram Mandir SIT Investigation: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा और कथित वित्तीय अनियमितताओं के मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को सबूत प्रस्तुत करने के लिए तलब किया है। एसआईटी ने उन्हें लखनऊ स्थित मंडलायुक्त कार्यालय में बुलाया है, जहां वह मामले से जुड़े दस्तावेज और अन्य जानकारी जांच अधिकारियों को सौंपेंगे। इस घटनाक्रम के बाद राम मंदिर चढ़ावा विवाद एक बार फिर राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में आ गया है।
सोशल मीडिया पर दी जानकारी
संजय सिंह ने स्वयं सोशल मीडिया के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया कि उन्हें जांच टीम के समक्ष उपस्थित होने के लिए बुलाया गया है। उन्होंने कहा कि उनके पास मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज मौजूद हैं, जिन्हें वह एसआईटी अध्यक्ष को सौंपेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने पहले जांच एजेंसी से मिलने के लिए समय मांगा था और अब वह निर्धारित समय पर उपस्थित होकर अपना पक्ष रखेंगे।
लगातार उठा रहे हैं सवाल
आम आदमी पार्टी के सांसद पिछले कुछ समय से राम मंदिर चढ़ावा मामले को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने विभिन्न मंचों पर दस्तावेजों के आधार पर कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। संजय सिंह का कहना है कि उनके पास ऐसे दस्तावेज हैं, जो जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं और इन्हें संबंधित एजेंसी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
प्रभु श्री राम जी के मंदिर में हुए चढ़ावा और चंदा चोरी की जांच करने वाली SIT ने 25 जून को सुबह 11 बजे लखनऊ मंडलायुक्त कार्यालय पर मुझे बुलाया है। मैं जमीन घोटाले से संबंधित सारे दस्तावेज़ SIT के अध्यक्ष को सौंपूंगा। pic.twitter.com/0isezwLK7y
— Sanjay Singh AAP (@SanjayAzadSln) June 24, 2026
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ट्रस्ट से जुड़े आरोपों पर बयान
संजय सिंह ने हाल के दिनों में राम मंदिर निर्माण और भूमि खरीद से जुड़े मामलों पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कुछ जमीन सौदों और ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेन-देन को लेकर आरोप लगाए तथा निष्पक्ष जांच की मांग की है। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आती रही हैं और जांच एजेंसियां पूरे मामले की पड़ताल कर रही हैं।
जांच के अगले चरण पर नजर
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल का गठन किया था। एसआईटी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट सरकार को सौंप चुकी है और अंतिम रिपोर्ट आने वाले दिनों में प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। ऐसे में संजय सिंह द्वारा सौंपे जाने वाले दस्तावेज जांच की दिशा और निष्कर्षों के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। अब सभी की नजर एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।