अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा गड़बड़ी की जांच के बीच उत्तर प्रदेश की राजनीति भी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सहारनपुर में जनसभा के दौरान समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि पहले मंदिरों का पैसा कब्रिस्तानों पर खर्च होता था, जबकि अब सरकार विरासत और विकास दोनों को साथ लेकर चल रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में अब विकास कार्यों पर तेजी से काम हो रहा है और संसाधनों का उपयोग जनता के हित में किया जा रहा है।
सीएम योगी ने कानून-व्यवस्था और विकास का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पहले प्रदेश में दंगे और अपराध आम बात थे, लेकिन अब कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है। उन्होंने सहारनपुर, मेरठ और कैराना का उदाहरण देते हुए कहा कि अब प्रदेश में सुरक्षा का माहौल बेहतर हुआ है। साथ ही उन्होंने राम मंदिर मामले में कहा कि दोषी कोई भी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी और अपराधियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
SIT की जांच तेज, कई नए पहलुओं की पड़ताल
राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को 15 दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, अंतिम रिपोर्ट 10 जुलाई के बाद सौंपी जा सकती है। जांच के दौरान योग केंद्र से QR कोड वाला एक दान बॉक्स मिलने के बाद कई नए सवाल खड़े हुए हैं। जेल में बंद आरोपियों से दो घंटे तक पूछताछ भी की गई है। जांच एजेंसी कथित वित्तीय लेनदेन, कर्मचारियों की नियुक्ति और दान राशि की गणना प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।
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स्वास्थ्य अपडेट और ट्रस्ट से जुड़े घटनाक्रम
राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत में सुधार है और कुछ दिनों में उन्हें छुट्टी मिल सकती है। वहीं जांच के दायरे में मंदिर प्रशासन से जुड़े कई पहलुओं की भी समीक्षा की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक कुछ पूर्व पदाधिकारियों और संबंधित लोगों की भूमिका को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है।
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
राम मंदिर मामले को लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर सवाल उठा रहा है। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और अन्य नेताओं ने जांच की निष्पक्षता तथा मंदिर प्रबंधन को लेकर अलग-अलग बयान दिए हैं। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं के साथ भेदभाव किया जा रहा है, जबकि आम आदमी पार्टी ने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। दूसरी ओर विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने भी दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच की बात कही है।
रिपोर्ट का इंतजार, राजनीति भी रहेगी गरम
राम मंदिर चढ़ावा मामले में अब सबकी नजर SIT की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि किन लोगों की भूमिका सामने आती है और आगे क्या कार्रवाई होती है। वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री योगी और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे यह मामला केवल कानूनी जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि प्रदेश की राजनीति का भी बड़ा मुद्दा बन गया है।