
झारखंड की राजधानी रांची के लोअर बाजार थाना क्षेत्र के पत्थलकुदवा स्थित न्यू तबारक लॉज से बुधवार की सुबह एक बड़ा खुलासा हुआ। यहां से ISIS का संदिग्ध आतंकी अशरफ दानिश को गिरफ्तार किया गया। दानिश लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का बहाना बनाकर इस लॉज में रह रहा था। उसकी चालाकी इतनी थी कि न तो उसके रूममेट और न ही अन्य युवकों को कभी उस पर शक हुआ।
दिल्ली स्पेशल सेल की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दानिश को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उसे पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाया गया। प्रारंभिक पूछताछ में ही चौंकाने वाली बातें सामने आईं। दानिश ने स्वीकार किया कि उसे और उसके साथियों को हथियार और विस्फोटक सामग्री इकट्ठा करने की जिम्मेदारी दी गई थी। सूत्रों के अनुसार, दानिश के साथ ऐसे 7 अन्य लोग भी सक्रिय हैं। ये सभी लोग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए आपस में संपर्क बनाए रखते थे। सुरक्षा एजेंसियां अब इन संपर्कों की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं।
कमरे के साथियों को नहीं था कोई अंदेशा
दानिश जिस कमरे में रह रहा था, वहां एक दिव्यांग युवक भी उसके साथ रहता था। पूछताछ में उसने बताया कि उसे कभी दानिश की गतिविधियों पर कोई शक नहीं हुआ। लॉज के अन्य युवकों का भी कहना है कि दानिश हमेशा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और भविष्य की नौकरी की बातें करता था। उसके कमरे से प्रतियोगी परीक्षा की किताबें और नोट्स भी बरामद हुए हैं। यही कारण था कि आसपास किसी को यह अंदाजा नहीं हो सका कि वह आतंकी गतिविधियों से जुड़ा हुआ है।
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प्रतियोगिता की तैयारी थी सिर्फ परदा
जांच एजेंसियों का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की आड़ में दानिश ने खुद को छिपाने का प्रयास किया। किताबों और सामान्य दिनचर्या के चलते किसी को उस पर शक नहीं हुआ। लेकिन गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई ने उसकी असली गतिविधियों को उजागर कर दिया।
दिल्ली स्पेशल सेल कर रही पूछताछ
फिलहाल दिल्ली स्पेशल सेल उससे लगातार पूछताछ कर रही है। एजेंसियों का ध्यान इस बात पर है कि दानिश किस नेटवर्क से जुड़ा था, हथियार और विस्फोटक कहां जमा किए गए हैं और उसके सात अन्य साथियों की भूमिका क्या है। यह गिरफ्तारी झारखंड समेत पूरे देश के लिए सतर्कता का संदेश है कि आतंकी संगठन किस तरह मासूम दिखने वाले चेहरों के जरिए अपनी गतिविधियां छिपाने की कोशिश करते हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में काम कर रही हैं।