Tata Sons Chairman Succession : टाटा संस में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। मौजूदा चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के फरवरी 2027 में कार्यकाल पूरा होने के बाद दोबारा पद संभालने से इनकार करने के बाद अब उनके उत्तराधिकारी की तलाश शुरू हो गई है। टाटा संस के प्रमुख शेयरधारक सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट ने इसके लिए चयन समिति गठित करने का फैसला किया है।
चयन समिति करेगी नाम तय
सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट के न्यासियों ने एक प्रस्ताव पारित कर चयन समिति बनाने का निर्णय लिया है। यह समिति टाटा संस के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन में तय प्रक्रिया के अनुसार अगले चेयरमैन के नाम की सिफारिश करेगी। ट्रस्ट का कहना है कि चयन प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी, ताकि टाटा समूह की होल्डिंग कंपनी में नेतृत्व परिवर्तन बिना किसी व्यवधान के पूरा हो सके।
चंद्रशेखरन के फैसले का सम्मान
टाटा ट्रस्ट ने एन. चंद्रशेखरन के फैसले का सम्मान करते हुए उनके नेतृत्व की सराहना की है। ट्रस्ट ने कहा कि वह सुगम और व्यवस्थित नेतृत्व हस्तांतरण के लिए पूरा सहयोग करेगा। इसका उद्देश्य टाटा समूह के दीर्घकालिक हितों और संस्थापक मूल्यों की निरंतरता बनाए रखना है। चंद्रशेखरन ने बोर्ड को बताया था कि वह मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद अगले कार्यकाल के लिए अपना नाम आगे नहीं बढ़ाएंगे।
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40 साल से टाटा समूह से जुड़े
एन. चंद्रशेखरन का टाटा समूह के साथ करीब चार दशक लंबा जुड़ाव रहा है। उन्होंने 1987 में TCS में प्रशिक्षु के तौर पर अपना करियर शुरू किया था और आगे चलकर कंपनी के CEO और MD बने। जनवरी 2017 में उन्होंने टाटा संस के चेयरमैन की जिम्मेदारी संभाली। उनके नेतृत्व में समूह ने डिजिटल, तकनीक, विमानन, उपभोक्ता कारोबार, नवीकरणीय ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय विस्तार जैसे क्षेत्रों में अपना कारोबार बढ़ाया।
फरवरी 2027 के बाद नया चेहरा
चंद्रशेखरन के उत्तराधिकारी को लेकर चर्चा पिछले कुछ समय से चल रही थी। दोनों प्रमुख टाटा ट्रस्टों की ओर से उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने का समर्थन भी किया गया था, लेकिन टाटा संस बोर्ड के समक्ष रखे गए प्रस्ताव को सर्वसम्मति नहीं मिल सकी। अब चंद्रशेखरन के स्पष्ट फैसले के बाद उत्तराधिकार प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। चयन समिति की सिफारिश के बाद टाटा संस के अगले चेयरमैन के नाम पर तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।