Mohammed Shami Comeback : भारतीय टीम के पूर्व कोच रवि शास्त्री का मानना है कि मोहम्मद शमी को अब टेस्ट और वनडे टीम में वापस लाने का समय आ गया है। चोट से उबरने के बाद शमी ने घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है। शास्त्री के मुताबिक, शमी अपनी गेंदबाजी से साबित कर चुके हैं कि उनमें अभी काफी क्रिकेट बाकी है। उनके बयान के बाद टीम में शमी की वापसी को लेकर चर्चा तेज हो सकती है।
भुवनेश्वर कुमार की वापसी से खुश
रवि शास्त्री ने न्यूजीलैंड दौरे के लिए टी20 टीम में भुवनेश्वर कुमार को शामिल किए जाने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि अनुभव का कोई विकल्प नहीं होता। भुवनेश्वर ने लाल और सफेद गेंद, दोनों प्रारूपों में भारत के लिए अच्छा प्रदर्शन किया है। शास्त्री का मानना है कि उनके अनुभव और गेंदबाजी की गुणवत्ता को देखते हुए उन्हें टेस्ट और वनडे टीम में भी मौका देने पर विचार किया जा सकता है।
बुमराह के कार्यभार पर जोर
शास्त्री ने जसप्रीत बुमराह के कार्यभार को लेकर भी अहम बात कही। उनका मानना है कि 2027 वनडे विश्व कप की तैयारी के दौरान बुमराह को तीनों प्रारूपों में लगातार खिलाना सही नहीं होगा। उन्हें टेस्ट क्रिकेट पर अधिक ध्यान देना चाहिए और वनडे तथा टी20 में जरूरत के हिसाब से मौका देना चाहिए। शास्त्री न्यूजीलैंड के खिलाफ दो टेस्ट मैचों के लिए बुमराह को तरोताजा रखना चाहते हैं, क्योंकि इन मुकाबलों में उनकी भूमिका अहम हो सकती है।
न्यूजीलैंड दौरा क्यों अहम
शास्त्री के मुताबिक, न्यूजीलैंड का छह सप्ताह का दौरा भारतीय टीम की तैयारियों को परखने का बड़ा मौका होगा। 2027 वनडे विश्व कप दक्षिण अफ्रीका में खेला जाना है। न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन भारत के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। वहां की पिचों पर तेज गेंदबाजों को स्विंग और सीम मिल सकती है। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों को परिस्थितियों के अनुसार जल्दी ढलना होगा।
टेस्ट चैंपियनशिप की राह मुश्किल
रवि शास्त्री ने माना कि भारत के लिए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचना आसान नहीं होगा। उनके मुताबिक, टीम को अपने बचे हुए मुकाबलों में बेहद अच्छा प्रदर्शन करना पड़ेगा। न्यूजीलैंड के दोनों टेस्ट और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाली सीरीज इस दौड़ में अहम हो सकती हैं। शास्त्री ने यह भी कहा कि न्यूजीलैंड में विकेट जल्दी गिर सकते हैं, इसलिए बल्लेबाजों के बीच लंबी साझेदारियां बनाना जरूरी होगा। युवा कप्तान शुभमन गिल के सामने भी यह बड़ी चुनौती होगी।
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पंत और भारतीय फील्डिंग पर भी बोले
ऋषभ पंत को लेकर शास्त्री ने सलाह दी कि उन्हें अपनी स्वाभाविक बल्लेबाजी नहीं छोड़नी चाहिए, लेकिन मैच की स्थिति को समझकर खेलना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय टीम की फील्डिंग पर चिंता जताई। शास्त्री के अनुसार, बड़े टूर्नामेंट जीतने के लिए बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ फील्डिंग का स्तर भी ऊंचा होना चाहिए। उनके मुताबिक, भारतीय टीम को इस क्षेत्र में सुधार करने की जरूरत है।