
जब भी टीम इंडिया मुश्किल में होती है, मैदान पर हर बार एक नाम रवींद्र जडेजा का जरूर गूंजता है. तलवारबाजी के अंदाज वाले इस ऑलराउंडर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वो सिर्फ गेंद से नहीं, बल्ले से भी टीम के लिए संकटमोचक हैं. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने टेस्ट करियर का अपना छठा शतक जड़ा और विपक्षी गेंदबाजों की कमर तोड़ दी. 36 साल के जडेजा ने इस पारी में चौके-छक्कों की ऐसी बरसात की कि स्टेडियम तालियों से गूंज उठा, उनके बल्ले से निकले हर शॉट में आत्मविश्वास और क्लास झलक रही थी.
टीम इंडिया के भरोसेमंद स्तंभ बने
खास बात ये रही कि पिछले कुछ समय से वह लगातार रन बना रहे हैं. आंकड़े बताते हैं कि जडेजा अपने करियर के सुनहरे दौर में हैं. पिछली 9 पारियों में 7 बार 50+ स्कोर… और अब एक और शतक. यही नहीं, इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में भी उन्होंने शानदार शतक लगाया था. 2025 का साल जडेजा के लिए सोने पर सुहागा साबित हो रहा है. इस साल उनका टेस्ट औसत 75 का है और अब तक वो 605 रन ठोक चुके हैं. ये आंकड़े साबित करते हैं कि जडेजा सिर्फ एक गेंदबाज या पार्ट-टाइम बैटर नहीं, बल्कि टीम इंडिया के भरोसेमंद स्तंभ बन चुके हैं. अगर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की बात करें तो जडेजा ने विराट कोहली से भी बेहतर प्रदर्शन किया है. विराट ने WTC में 46 मैचों में 2617 रन बनाए, जबकि जडेजा ने 45 मैचों में ही 2451 रन ठोक दिए, वो भी 43 की औसत से शानदार अंदाज में, जिसकी चर्चा चारों ओर छाई हुई है.
इसे भी पढ़ें : Explainer- क्रिकेट के बेताज बादशाह रहे वेस्टइंडीज की नैया क्यों डूबती जा रही है ?
धोनी को पछाड़ते हुए बनाया खास रिकॉर्ड
इतना ही नहीं, जडेजा ने अपने शतक के दौरान एक और बड़ा रिकॉर्ड बना डाला. उन्होंने धोनी को पछाड़ते हुए टेस्ट क्रिकेट में भारत के लिए सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में दूसरा स्थान हासिल कर लिया. जडेजा अब तक 79 छक्के जड़ चुके हैं, जबकि धोनी के नाम 78 छक्के थे। इस मामले में वीरेंद्र सहवाग टॉप पर हैं, जिन्होंने 91 छक्के लगाए थे. जडेजा की इस पारी ने विपक्षी गेंदबाजों को बेबस कर दिया. गेंदबाज जब-जब उन्हें रोकने की कोशिश करते, वो चौके-छक्कों की बारिश कर देते. उनके तलवारबाजी वाले सेलिब्रेशन ने फैंस का दिल जीत लिया और ये जता दिया कि टेस्ट क्रिकेट में उनकी काबिलियत पर कोई सवाल नहीं उठा सकता. जडेजा का ये शतक सिर्फ स्कोरबोर्ड पर रन नहीं जोड़ता, बल्कि टीम इंडिया को मजबूती और विपक्ष को डर देता है. क्रिकेट एक्सपर्ट भी मान रहे हैं कि अगर जडेजा का ये फॉर्म जारी रहा, तो आने वाले सालों में वो भारत के सबसे बड़े मैच-फिनिशर और संकटमोचक कहलाएंगे.