
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत और वेस्टइंडीज के बीच शुरू हुई टेस्ट सीरीज में वह जोश और रोमांच नहीं दिखाई दे रहा है, जिसकी उम्मीद की जा रही है. दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम में मैच तो खेला जा रहा है, लेकिन खाली स्टैंड्स यह साफ बता रहे हैं कि दर्शकों की दिलचस्पी बेहद कम है. इसके साथ ही खिलाड़ियों में भी वह ऊर्जा नजर नहीं आ रही, जिससे पता चलता है कि यह सीरीज केवल एक औपचारिकता जैसी बनकर रह गई है.
सितंबर से नेपाल जैसी नई टीम से हारी वेस्टइंडीज
वेस्टइंडीज टीम के क्रिकेट की हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में उन्हें नेपाल जैसी नई टीम ने हरा दिया. बता दें कि सितंबर में शारजाह में खेली गई तीन टी20 मैचों की सीरीज नेपाल ने 2-1 से जीत ली थी. इस सीरीज की खास बात यह रही कि इसमें वेस्टइंडीज की तरफ से जेसन होल्डर, काइल मेयर्स और अकील हुसैन जैसे खिलाड़ी मैदान में उतरे थे फिर भी टीम लड़खड़ा गई.
कभी क्रिकेट का बादशाह हुआ करता था वेस्टइंडीज
एक दौर ऐसा भी था जब वेस्टइंडीज को क्रिकेट का पावरहाउस कहा जाता था. गैरी सोबर्स, विवियन रिचर्ड्स, क्लाइव लॉयड, ब्रायन लारा, माइकल होल्डिंग और मैल्कम मार्शल जैसे दिग्गजों ने इस टीम को ऊंचाइयों तक पहुंचाया. ‘थ्री डब्ल्यू’ के नाम से जाने- जाने वाले क्लाइव वाल्कॉट, फ्रैंक वॉरेल और एवर्टन वीक्स की बल्लेबाजी तिकड़ी ने 50 के दशक में टीम को विश्व क्रिकेट की सबसे मजबूत लाइनअप दी थी. उस समय वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलना किसी भी टीम के लिए चुनौती भरा होता था लेकिन आज यही टीम टेस्ट क्रिकेट में पिछड़ती हुई दिखाई दे रही है.
टीम के पतन की सबसे बड़ी वजह बोर्ड
विशेषज्ञों का मानना है कि इस पतन की सबसे बड़ी वजह वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड है. बोर्ड में अंदरूनी राजनीति, खिलाड़ियों के साथ खटपट और अनुशासन की कमी ने टीम की ताकत को कमजोर कर दिया है. वहीं कई खिलाड़ी अब देश की बजाय टी20 लीगों को प्राथमिकता देने लग गए हैं. जिसकी एक वजह ये भी है कि आईपीएल, सीपीएल और विदेशी लीगों से उन्हें ज्यादा पैसा और स्थिरता मिलती है, इसलिए वे राष्ट्रीय टीम के लिए कम खेलने के लिए मौजूद रह पाते हैं. नतीजतन, मजबूत और संतुलित टीम तैयार करना एक बड़ी चुनौती हो गया है.
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भारत जैसी मजबूत टीम को चुनौती देने में वेस्टइंडीज नाकाम
वहीं भारत के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज में वेस्टइंडीज के लिए कोई खास उम्मीद दिखाई नहीं दे रही है. एशिया कप जीतकर आई भारतीय टीम आत्मविश्वास से भरी हुई है और घरेलू पिचों पर उसका दबदबा और भी बढ़ता जा रहा है. दूसरी तरफ वेस्टइंडीज की टीम में वह ताकत और लय नहीं नजर आ रही जो भारत जैसी मजबूत टीम को चुनौती देने में कामयाब हो सके. यही कारण है कि विशेषज्ञ और फैंस के हिसाब से इस सीरीज का नतीजा पहले से ही तय माना जा सकता है.