क्या आपका मोबाइल फोन भी जल्द डिजिटल वॉलेट की तरह नकद पैसे रखने लगेगा? भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इन दिनों लोगों को एक खास संदेश भेज रहा है, जिसमें डिजिटल रुपये (e₹) यानी सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कही गई है। इस संदेश के बाद कई लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या RBI वास्तव में लोगों के फोन में सीधे नकद भेजेगा? आइए समझते हैं कि पूरा मामला क्या है।
RBI का संदेश क्यों चर्चा में है?
RBI की ओर से भेजे जा रहे संदेश में लिखा है, "क्या हो यदि नकद पैसे आपके फोन में ही आ जाएं? डिजिटल रुपया (e₹) के साथ यह संभव है।" इस संदेश का उद्देश्य लोगों को डिजिटल रुपये के बारे में जागरूक करना है। रिजर्व बैंक लोगों को बता रहा है कि अब नकदी जैसी सुविधा डिजिटल रूप में भी उपलब्ध है, जिसे मोबाइल के जरिए सुरक्षित तरीके से रखा और इस्तेमाल किया जा सकता है।

क्या है डिजिटल रुपया (e₹)?
डिजिटल रुपया RBI द्वारा जारी की गई आधिकारिक डिजिटल करेंसी है। यह सामान्य नोट और सिक्कों की तरह ही भारतीय मुद्रा का वैध स्वरूप है, लेकिन पूरी तरह डिजिटल रूप में मौजूद रहती है। इसे मोबाइल या अधिकृत डिजिटल वॉलेट में रखा जा सकता है और इसका उपयोग भुगतान करने, पैसे भेजने या खरीदारी के लिए किया जा सकता है। यानी यह नकद की तरह काम करता है, लेकिन भौतिक रूप में नहीं होता।
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UPI से कितना अलग है e₹?
डिजिटल रुपया और UPI एक जैसे नहीं हैं। UPI केवल बैंक खाते से भुगतान करने का माध्यम है, जबकि e₹ स्वयं डिजिटल मुद्रा है, जिसे RBI जारी करता है। डिजिटल रुपये से भुगतान करने पर लेनदेन सीधे डिजिटल करेंसी के जरिए होता है। RBI के अनुसार, e₹ का इस्तेमाल UPI सहित अधिकांश QR कोड पर भी किया जा सकता है, जिससे भुगतान और आसान हो जाता है।
डिजिटल भुगतान को मिलेगा बढ़ावा
RBI का उद्देश्य लोगों को नकदी के साथ-साथ डिजिटल रुपये का भी अधिक उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना है। डिजिटल रुपया छुट्टे पैसों की समस्या को कम कर सकता है और तेज, सुरक्षित तथा सुविधाजनक भुगतान का विकल्प उपलब्ध कराता है। रिजर्व बैंक का मानना है कि आने वाले समय में डिजिटल करेंसी भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।