अगर आप उम्मीद कर रहे थे कि जल्द ही लोन सस्ता हो जाएगा, तो यह खबर आपको सोचने पर मजबूर कर देगी। RBI ने हाल ही में रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती जरूर की थी, लेकिन फिच सॉल्यूशंस की संस्था BMI का दावा है कि अब पूरे अगले वित्त वर्ष तक इसमें कोई बदलाव नहीं होगा। BMI के अनुसार रेपो रेट 2026 तक 5.25% पर ही स्थिर रह सकता है। यही नहीं, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि रुपया 2025 के अंत तक करीब 90 रुपये प्रति डॉलर तक कमजोर रह सकता है, जो लोन सस्ता होने की संभावनाओं को और कम कर देता है।
RBI पर दबाव, फिर भी क्यों नहीं कटेगी दरें?
भारतीय अर्थशास्त्री और बॉन्ड मार्केट विशेषज्ञ मान रहे थे कि RBI संभवत: एक और 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर सकता है। लेकिन BMI का कहना है कि रेपो रेट पहले ही अपनी निचली सीमा के करीब है और आने वाले समय में वैश्विक आर्थिक स्थितियों के कारण RBI अतिरिक्त जोखिम नहीं लेना चाहेगा। RBI ने भी स्पष्ट किया है कि महंगाई कम होने और रुपये के कमजोर होने के बावजूद दरें घटाना आसान फैसला नहीं था। ऐसे संकेत से साफ है कि निकट भविष्य में लोन रेट घटने की संभावना बेहद कम है।
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महंगाई, GDP और बाजार- क्या कहता है डेटा?
RBI के अनुमान के अनुसार महंगाई दर दिसंबर तक 0.6% तक गिर सकती है, जो अक्टूबर में 1.8% थी। चौथी तिमाही में CPI 2.9% रहने का अनुमान है, पहले यह 4% माना गया था। इसी तरह केंद्रीय बैंक ने वित्त वर्ष 2026 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान को 6.8% से बढ़ाकर 7.3% कर दिया है। यानी महंगाई घट रही है, विकास मजबूत है लेकिन BMI का दावा है कि 2026 की दूसरी छमाही में महंगाई फिर 4% के आसपास जा सकती है, इसलिए RBI सतर्क रहेगा।
क्या होगी आगे की चाल?
RBI ने इस साल अब तक रेपो रेट में कुल 125 बेसिस पॉइंट की कटौती की है, लेकिन इसके बावजूद रुपया लगातार कमजोर होता जा रहा है। फिलहाल रुपया 90 प्रति डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा है। BMI का अनुमान है कि 2025 के अंत तक यह 90 रुपये और 2026 तक 90.5 रुपये प्रति डॉलर हो सकता है। कमजोर रुपये का सीधा असर महंगे इंपोर्ट और बढ़ती लागत पर पड़ता है और यही वजह है कि RBI आगे और कटौती करने से बचना चाहेगा।