Red Fort blast case: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लाल किला के पास हुए आतंकी विस्फोट मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी आमिर राशिद अली को आज (17 नवंबर को) दिल्ली की एक अदालत ने 10 दिन की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की हिरासत में भेज दिया है। NIA ने आमिर को कल गिरफ्तार किया था और आज अदालत में पेश किया। यह मामला 10 नवंबर को लाल किले के पास विस्फोटकों से लदी एक कार में हुए भीषण धमाके से संबंधित है, जिसमें 13 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। NIA की जांच में सामने आया है कि जम्मू-कश्मीर के पंपोर, संबूरा का रहने वाला आमिर राशिद अली इस हमले की साजिश रचने वाला मुख्य आरोपी है। उसने आत्मघाती हमलावर डॉक्टर उमर नबी के साथ मिलकर इस धमाके की पूरी योजना बनाई थी।
साजिश और आत्मघाती हमलावर
जांच के अनुसार, आत्मघाती हमलावर डॉक्टर उमर नबी, जो जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का था, हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर था। उसने विस्फोटक से भरी कार को लाल किले के पास ले जाकर धमाका किया। जिस कार में विस्फोट हुआ था, वह भी उसी के नाम पर दर्ज थी। NIA ने उमर का एक और वाहन जब्त किया है, जिसकी जांच की जा रही है। जांच एजेंसी ने अब तक 73 गवाहों से पूछताछ की है, जिनमें कई घायल पीड़ित भी शामिल हैं। यह 'सफेदपोश' आतंकी मॉड्यूल, जिसका खुलासा फरीदाबाद से विस्फोटकों की बरामदगी के बाद हुआ था, अब जांच के घेरे में है। आरोपी आमिर राशिद अली की 10 दिन की NIA हिरासत से इस मामले में और भी अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
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अल-फलाह विश्वविद्यालय पर FIR और समन
इस मामले की जांच के तार अल-फलाह विश्वविद्यालय, फरीदाबाद से जुड़ने के बाद दिल्ली पुलिस ने विश्वविद्यालय के चेयरमैन को दो समन जारी किए हैं। ये समन फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल की जांच और विश्वविद्यालय के खिलाफ दर्ज जालसाजी और धोखाधड़ी के दो अलग-अलग मामलों के संबंध में दिए गए हैं। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा मान्यता संबंधी दावों में "बड़ी अनियमितताओं" को चिह्नित करने के बाद क्राइम ब्रांच ने हरियाणा स्थित इस विश्वविद्यालय के खिलाफ दो FIR दर्ज की हैं। नियामक निकायों ने अपने निष्कर्ष कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सौंप दिए हैं, जिससे इस विश्वविद्यालय की भूमिका और कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है।