मंगलवार को बाजार खुलते ही देश की सबसे मूल्यवान कंपनियों में गिनी जाने वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान शेयर करीब 5 फीसदी तक लुढ़क गया। इस गिरावट का सीधा असर कंपनी के मार्केट कैप पर पड़ा और करीब एक लाख करोड़ रुपये की वैल्यू साफ हो गई। शेयर बाजार में आई इस कमजोरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी और पूरे कारोबारी सत्र में रिलायंस चर्चा में बनी रही।
मुकेश अंबानी की नेटवर्थ को बड़ा झटका
शेयरों में आई गिरावट का असर रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी की निजी संपत्ति पर भी पड़ा। एक ही दिन में उनकी नेटवर्थ करीब 4.37 अरब डॉलर घट गई। इसके बाद उनकी कुल संपत्ति 103 अरब डॉलर के आसपास रह गई है। इस साल अब तक उनकी नेटवर्थ में लगातार गिरावट दर्ज की गई है, जिससे अमीरों की वैश्विक सूची में उनकी स्थिति पर भी असर पड़ा है।
अमीरों की लिस्ट में अंबानी की स्थिति
नेटवर्थ घटने के बाद भी मुकेश अंबानी दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में 18वें स्थान पर बने हुए हैं। हालांकि साल की शुरुआत से अब तक उनकी संपत्ति में कई अरब डॉलर की कमी आ चुकी है। बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि रिलायंस के शेयरों में उतार-चढ़ाव का असर आने वाले समय में उनकी रैंकिंग पर और पड़ सकता है।
ये भी पढ़ें : Baby Food पर दुनिया भर में अलर्ट, Nestlé ने 25 देशों से वापस मंगाए प्रोडक्ट
गौतम अडानी टॉप 20 से बाहर
इसी बीच अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी को भी झटका लगा है। उनकी नेटवर्थ में मंगलवार को करीब 313 मिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज की गई। इसके बाद वह दुनिया के अमीरों की सूची में 21वें स्थान पर पहुंच गए और टॉप 20 से बाहर हो गए। उनसे आगे अब दूसरे वैश्विक निवेशक निकल चुके हैं, जिससे उनकी रैंकिंग में साफ गिरावट दिख रही है।
टॉप रैंकिंग में कौन बरकरार
वैश्विक अमीरों की सूची में पहले स्थान पर एलन मस्क बने हुए हैं, हालांकि उनकी संपत्ति में भी हाल ही में गिरावट आई है। इसके बाद गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज दूसरे नंबर पर हैं। जेफ बेजोस, सर्गेई ब्रिन और लैरी एलिसन जैसे नाम भी शीर्ष रैंकिंग में मजबूती से टिके हुए हैं।
बाजार के साथ बदलती अरबपतियों की किस्मत
शेयर बाजार की चाल एक बार फिर साबित कर रही है कि अरबपतियों की संपत्ति भी बाजार के उतार-चढ़ाव से अछूती नहीं रहती। एक दिन की गिरावट किसी को भारी नुकसान में डाल देती है तो किसी की रैंकिंग बदल जाती है। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेगी कि अंबानी और अडानी की किस्मत फिर से संभलती है या दबाव और बढ़ता है।