
25% penalty tariff on India: भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) वी. अनंथा नागेश्वरन ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका जल्द ही भारतीय वस्तुओं पर लगाए गए 25% पेनाल्टी टैरिफ को हटा सकता है। उन्होंने कहा कि नवंबर के अंत तक यह अतिरिक्त शुल्क खत्म हो सकता है और पारस्परिक टैरिफ को भी मौजूदा 25% से घटाकर 10-15% तक लाया जा सकता है। उनका मानना है कि इससे भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिलेगी, जो लंबे समय से ऊंचे शुल्क के दबाव में काम कर रहे हैं। नागेश्वरन ने यह भी स्पष्ट किया कि यह उनकी व्यक्तिगत उम्मीद है, कोई औपचारिक गारंटी नहीं।
हाल की बातचीत से बढ़ी उम्मीदें
यह बयान ऐसे समय आया है जब हाल ही में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता का नया दौर शुरू हुआ है। वाणिज्य मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश अग्रवाल ने नई दिल्ली में अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ब्रेंडन लिंच से मुलाकात की थी। यह पहली औपचारिक बैठक थी जो ट्रंप प्रशासन के दौरान भारतीय निर्यातों पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने के बाद हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात द्विपक्षीय व्यापार विवाद को सुलझाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। नागेश्वरन ने कहा कि आने वाले 8 से 10 हफ्तों में विवाद सुलझ सकता है।
निर्यातकों पर भारी असर
फिलहाल कई भारतीय उत्पादों पर कुल मिलाकर 50% तक का शुल्क लगाया जा रहा है। इससे खासकर कपड़ा, इंजीनियरिंग और खाद्य पदार्थ जैसे श्रम-गहन उद्योगों के निर्यातकों पर भारी मार्जिन दबाव पड़ा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि टैरिफ कम किए जाते हैं तो भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, लागत घटेगी और भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में स्थिरता आएगी। इससे न केवल निर्यातकों को राहत मिलेगी बल्कि द्विपक्षीय आर्थिक रिश्तों को भी मजबूती मिलेगी।