CM Omar Abdullah: जम्मू-कश्मीर सरकार ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों के लिए अहम कदम उठाने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में बताया कि राज्य में आपदा के कारण बेघर हुए भूमिहीन परिवारों को सरकार हरसंभव सहायता देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह फैसला प्रभावित लोगों को दोबारा बसाने और सुरक्षित जीवन देने के उद्देश्य से लिया गया है।
भूमिहीन परिवारों को मिलेगा जमीन का सहारा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार आपदा से प्रभावित भूमिहीन परिवारों को आवासीय उद्देश्य के लिए जमीन पट्टे पर देगी। यह जमीन बिना किसी अधिभार के उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार ने इसके लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं ताकि प्रभावित परिवारों को जल्द राहत मिल सके।
40 साल के पट्टे पर पांच मरला जमीन
सीएम उमर अब्दुल्ला ने जानकारी दी कि वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित परिवारों को पांच-पांच मरला सरकारी भूमि 40 साल के पट्टे पर देने की मंजूरी दी गई है। यह निर्णय बाढ़, भूस्खलन, बादल फटने और भूकंप जैसी आपदाओं से बेघर हुए परिवारों को ध्यान में रखकर लिया गया है। इसके लिए 2 जनवरी को सरकारी आदेश भी जारी किया जा चुका है।
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नाममात्र किराया और विस्तार की सुविधा
सरकार की योजना के तहत लाभार्थियों को प्रति मरला केवल 10 रुपये वार्षिक किराया देना होगा। 40 साल की अवधि पूरी होने के बाद सक्षम प्राधिकारी की मंजूरी से इस पट्टे को आगे भी बढ़ाया जा सकेगा। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से प्रभावित परिवारों को स्थायी समाधान मिलेगा।
वित्तीय सहायता और बुनियादी ढांचे पर काम
मुख्यमंत्री ने बताया कि उधमपुर जिले में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित 6,400 से अधिक परिवारों को 23.49 करोड़ रुपये से ज्यादा की आर्थिक मदद दी जा चुकी है। इसके साथ ही आपदा से क्षतिग्रस्त सड़कों और अन्य ढांचागत सुविधाओं की मरम्मत का काम भी तेजी से किया जा रहा है, ताकि कटे हुए इलाकों को फिर से जोड़ा जा सके।