Riots in Muzaffarnagar: मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक बड़ी आपराधिक साजिश का भंडाफोड़ करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने सोशल मीडिया पर पाकिस्तान का वीडियो शेयर कर उसे मुरादाबाद का बताकर साम्प्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश की थी. ये वीडियो बेहद हिंसक था, जिसमें एक घर में महिला और बच्चों की लाशें नजर आ रही थीं. इस वीडियो के साथ ऑडियो में दावा किया गया था कि बजरंग दल कार्यकर्ता मुस्लिम घरों में घुसकर लोगों की हत्या कर रहे हैं. डीआईजी सहारनपुर रेंज अभिषेक सिंह ने बताया कि इसका उद्देश्य वेस्ट यूपी में कावड़ यात्रा के दौरान दंगे भड़काना था.
पूर्व नियोजित साजिश और पाकिस्तान से लिंक की आशंका
पुलिस जांच में सामने आया कि वायरल वीडियो पाकिस्तान के मुजफ्फरगढ़ जिले का है, जहां एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और सात बच्चों की हत्या कर दी थी. इसे मुरादाबाद का बताकर खास समुदाय को भड़काने की कोशिश की गई. डीआईजी ने बताया कि यह एक सोची-समझी साजिश थी और सावन के पावन महीने के दौरान कावड़ यात्रा के समय को जानबूझकर चुना गया था ताकि धार्मिक भावनाएं भड़कें और साम्प्रदायिक हिंसा फैले. उन्होंने यह भी कहा कि साजिश के तार पाकिस्तान की एजेंसियों और आतंकी संगठनों से भी जुड़े हो सकते हैं, जिसकी जांच की जा रही है.
व्हाट्सएप ग्रुपों के जरिए फैलाया गया वीडियो
यह भड़काऊ वीडियो व ऑडियो कई व्हाट्सएप ग्रुपों में वायरल किया गया था, जिनमें मेरठ, मुरादाबाद और मुजफ्फरनगर के समूह शामिल थे। "खिदमत अब्बासी", "प्राउड इंडियन मुस्लिम", "मुस्लिम समाज जिंदाबाद", "ऑल इंडिया एंप्लॉयर ग्रुप" और "ककरौली युवा एकता" जैसे ग्रुपों में साजिशन वीडियो शेयर किया गया। पुलिस अब इन ग्रुपों की गहन जांच कर रही है और अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान की जा रही है।
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UAPA और IT एक्ट के तहत केस दर्ज
पुलिस ने नदीम, मनशेर और रहीस नामक तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं. इनके खिलाफ ककरौली थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिनमें गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और IT एक्ट भी शामिल हैं. डीआईजी अभिषेक सिंह ने बताया कि समय रहते पुलिस की तत्परता से एक बड़ी साजिश को नाकाम किया गया है, जिससे प्रदेश में हिंसा और अराजकता को रोका जा सका. फोन की फॉरेंसिक जांच और वायरल ऑडियो का विश्लेषण जारी है, ताकि पूरे नेटवर्क को बेनकाब किया जा सके. मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा इसके अतिरिक्त विभिन्न राज्यों एवं जनपदों के अन्य व्हाटसएप ग्रुपों की पुष्टि कर विस्तृत जानकारी की जा रही है.