गुवाहाटी टेस्ट के चौथे दिन भारतीय कप्तान ऋषभ पंत अपना आपा खो बैठे। भारतीय गेंदबाजी के दौरान पंत बार-बार अपने गेंदबाजों को समय पर ओवर शुरू करने के लिए कह रहे थे, लेकिन जब कुलदीप यादव बार-बार देरी करते दिखे, तो पंत ने जोर से फटकार लगा दी। यह घटना साउथ अफ्रीका की दूसरी पारी के 48वें ओवर में हुई। कुलदीप गेंद डालने में देर कर रहे थे, जिस पर पंत चिल्लाते हुए स्टंप माइक में सुनाई दिए पहला बॉल डाल दे यार, ऐसा मत कर यार… बार-बार नहीं बोलूंगा मैं
क्या है स्टॉप-क्लॉक नियम और क्यों पड़ा असर?
ऋषभ पंत की नाराज़गी सिर्फ देरी पर नहीं थी, बल्कि नियमों से जुड़ी हुई थी। आईसीसी के स्टॉप-क्लॉक नियम के मुताबिक, फील्डिंग टीम को अगला ओवर शुरू करने के लिए सिर्फ 60 सेकंड मिलते हैं। अगर टीम समय से देरी करती है, तो पहले दो बार चेतावनी दी जाती है, लेकिन तीसरी बार बल्लेबाजी टीम को 5 पेनल्टी रन मिलते हैं। गुवाहाटी टेस्ट की पहली पारी में भी कुलदीप यादव की वजह से पंत को दो चेतावनियां मिल चुकी थीं। इसी दबाव के चलते पंत चाहते थे कि कुलदीप जल्द गेंदबाजी शुरू करें, नहीं तो टीम को पेनल्टी का नुकसान झेलना पड़ सकता था।
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रवि शास्त्री ने पंत का किया समर्थन
जब पंत कुलदीप को फटकार रहे थे, तब कमेंट्री बॉक्स में मौजूद रवि शास्त्री ने कप्तान का खुलेआम समर्थन किया। शास्त्री ने कहा आप सुन सकते हैं कि ऋषभ पीछे से क्या कह रहे हैं। यह निराशाजनक है। गेंदबाज को अपनी फील्ड पता होनी चाहिए और तुरंत तैयार रहना चाहिए। शास्त्री ने साफ कहा कि भारतीय कप्तान बिल्कुल सही थे, क्योंकि धीमी ओवर-रेट टीम इंडिया को मैच में नुकसान पहुंचा सकता था।
भारत के सामने 549 रनों का असंभव लक्ष्य
साउथ अफ्रीका ने दूसरी पारी 260/5 पर घोषित करते हुए भारत को 549 रनों का विशाल लक्ष्य दिया है। टेस्ट इतिहास में भारत कभी भी इतना बड़ा लक्ष्य नहीं हासिल कर पाया है। पहली पारी में यानसन की घातक गेंदबाजी और दूसरी पारी में भी साउथ अफ्रीका का दबदबा टीम इंडिया के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में कप्तान पंत का नाराज़ होना स्वाभाविक है क्योंकि टीम पहले ही दबाव में है और नियमों के कारण अतिरिक्त रन देना स्थिति को और बिगाड़ सकता है।