यशस्वी जायसवाल बेहतरीन प्रतिभा हैं और तीनों फॉर्मेट में रन बनाने की क्षमता रखते हैं, लेकिन गुवाहाटी टेस्ट में उनकी एक तकनीकी कमी साफ नज़र आई। पहली पारी में जबरदस्त अर्धशतक लगाने के बाद दूसरी पारी में यशस्वी सिर्फ 13 रन बनाकर आउट हो गए। मार्को यानसन की शॉर्ट गेंद पर कट करने की कोशिश में वह विकेटकीपर को कैच दे बैठे। इस एक गेंद ने दिखा दिया कि यशस्वी लेफ्ट-आर्म तेज गेंदबाजों के खिलाफ अभी भी असहज हैं, और भविष्य में दूसरे गेंदबाज इस कमजोरी का फायदा उठा सकते हैं।
लेफ्ट-आर्म पेसरों के खिलाफ खराब रिकॉर्ड
यशस्वी जायसवाल की सबसे बड़ी कमजोरी लेफ्ट आर्म पेसर माने जा रहे हैं। आंकड़े बताते हैं कि साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट मैचों में वह 6 बार लेफ्ट-आर्म तेज गेंदबाजों के आगे अपना विकेट गंवा चुके हैं। उनका औसत इन गेंदबाजों के खिलाफ महज 10.5 का है। अकेले मार्को यानसन ही उन्हें 3 बार आउट कर चुके हैं और उनके खिलाफ यशस्वी की औसत सिर्फ 14 रन की है। यह स्पष्ट है कि लेफ्ट-आर्म गेंदबाजी की एंगल और बाउंस उनके लिए चुनौती बन रहे हैं।
साउथ अफ्रीका के खिलाफ प्रदर्शन सबसे कमजोर
हालांकि यशस्वी का कुल टेस्ट औसत 50 के पार है, लेकिन साउथ अफ्रीका के खिलाफ उनका प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा है। कुल 6 पारियों में से 5 में वह फेल रहे हैं, और दो बार बिना खाता खोले आउट हुए। यह दिखाता है कि साउथ अफ्रीका की गेंदबाजी खासकर लेफ्ट-आर्म पेस उनकी तकनीक को बार-बार परख रही है। अगर इस समस्या पर काम नहीं किया गया तो लंबे फॉर्मेट में उनके लिए रन बनाना और मुश्किल हो सकता है।
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भारतीय बल्लेबाजों पर भी यानसन का दबदबा
यशस्वी ही नहीं, पूरी भारतीय टीम यानसन के सामने संघर्ष करती नजर आई। पहली पारी में उन्होंने अकेले 6 विकेट झटककर भारत को सिर्फ 201 पर समेट दिया। दूसरी पारी में साउथ अफ्रीका ने 260 रन बनाकर पारी घोषित की और भारत को 549 रनों का असंभव लक्ष्य दिया। टेस्ट इतिहास में भारत ने कभी भी इतना बड़ा लक्ष्य हासिल नहीं किया है। यशस्वी की कमजोरी और भारतीय बल्लेबाजों की संघर्षभरी स्थिति ने इस मैच में भारत की उम्मीदों को लगभग खत्म कर दिया है।