RSS chiefs message in Bhopal: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत देशभर में प्रवास कर रहे हैं। इसी क्रम में वे भोपाल के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे, जहां पहले दिन कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में उन्होंने युवाओं से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि संघ अपने आरंभ से ही एक स्पष्ट लक्ष्य के साथ कार्य कर रहा है—धर्म और संस्कृति की रक्षा करते हुए भारत को परम वैभव तक पहुंचाना। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे संघ की शाखा या उससे जुड़े किसी भी रचनात्मक कार्य के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनें।
युवा जाग चुका है
डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि कोई भी राष्ट्र केवल नेताओं या नीतियों से नहीं, बल्कि पूरे समाज के योगदान से आगे बढ़ता है। जब समाज गुणवान होता है, तभी व्यवस्था प्रभावी बनती है। उन्होंने कहा कि आज का युवा अपने देश को समर्थ बनाना चाहता है और यही समय है जब उसे सही दिशा और संस्कार मिलने चाहिए। संघ की शाखाओं के माध्यम से व्यक्तित्व निर्माण की एक अनूठी पद्धति विकसित की गई है, जो अच्छी आदतें, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण सिखाती है। उन्होंने कहा कि अहंकार और स्वार्थ छोड़कर गुणों को अपनाना ही देश सेवा का मार्ग है।
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निर्भय जीवन पर खुलकर बोले भागवत
युवा संवाद के दौरान सरसंघचालक ने सुरक्षा, करियर और तकनीक से जुड़े सवालों के भी जवाब दिए। उन्होंने कहा कि जीवन में पूर्ण सुरक्षा की गारंटी कोई नहीं दे सकता, इसलिए भयमुक्त होकर आगे बढ़ना चाहिए। बेहतर करियर वही है जिसमें व्यक्ति उत्कृष्टता के साथ बिना डर के काम कर सके। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि AI को नियंत्रित करना होगा, न कि उसके अधीन होना होगा। तकनीक का उपयोग देश के विकास और समाज के हित में होना चाहिए। उन्होंने उदाहरणों के जरिए समझाया कि संघ ऐसे युवाओं का निर्माण करना चाहता है जो समाज को सकारात्मक दिशा और सार्थक बदलाव दें।