Strict stand on Ballari violence: कर्नाटक के बल्लारी जिले में नए साल 2026 के पहले ही दिन राजनीतिक हिंसा ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच पोस्टर लगाने को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। पथराव, बोतलबाजी और फायरिंग के बीच कांग्रेस कार्यकर्ता राजशेखर की मौत हो गई। इस गंभीर घटना के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कड़ा कदम उठाते हुए बल्लारी के जिला पुलिस अधीक्षक पवन निज्जुर को निलंबित कर दिया है। खास बात यह है कि एसपी ने उसी दिन पदभार संभाला था और शाम होते-होते यह घटना हो गई।
पोस्टर विवाद से हिंसा तक, कैसे बिगड़े हालात
जानकारी के मुताबिक बल्लारी के वाल्मीकि सर्किल पर महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा का अनावरण प्रस्तावित था। इसे लेकर कांग्रेस की ओर से शहर में पोस्टर लगाए जा रहे थे। इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता गंगावती से बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री जनार्दन रेड्डी के घर के बाहर पोस्टर लगाने पहुंचे, जिसका उनके समर्थकों ने विरोध किया। देखते ही देखते दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। लाठियां चलीं, ईंट-पत्थर और बोतलें फेंकी गईं और फायरिंग तक हो गई। गोली लगने से कांग्रेस कार्यकर्ता राजशेखर की मौके पर ही मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में तनाव फैल गया।
आरोप-प्रत्यारोप, पुलिस कार्रवाई और सीएम का बयान
घटना के बाद जनार्दन रेड्डी ने इसे कांग्रेस नेताओं की साजिश बताते हुए अपनी जान को खतरा होने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस ने जनार्दन रेड्डी समेत 11 लोगों के खिलाफ चार अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। मामले की जांच जारी है कि फायरिंग किसने की और हिंसा की शुरुआत कैसे हुई। बढ़ते तनाव को देखते हुए महर्षि वाल्मीकि प्रतिमा के अनावरण का कार्यक्रम भी फिलहाल टाल दिया गया है। इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने साफ कहा कि एसपी को इसलिए निलंबित किया गया क्योंकि वे घटना के वक्त मौके पर मौजूद नहीं थे। सरकार ने संकेत दिए हैं कि कानून-व्यवस्था में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।