Sanjay Raut demands judicial inquiry: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी नेता अजित पवार की विमान हादसे में हुई मौत को लेकर सियासत तेज हो गई है। अब यह मामला संसद तक पहुंच गया है। शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने संसद में अजित पवार की मौत की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग उठाई है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि इस पूरे घटनाक्रम पर कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं, जिनका जवाब देश को मिलना चाहिए।
राज्यसभा में उठाई जांच की मांग
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान संजय राउत ने कहा कि अजित पवार की मृत्यु केवल एक दुर्घटना मानकर छोड़ देना ठीक नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह मामला स्वतंत्र न्यायिक जांच के दायरे में आना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी भी तरह के संदेह को दूर किया जा सके।
घोटाले के आरोपों का किया जिक्र
राउत ने सदन में यह भी कहा कि अजित पवार एक समय कथित 70 हजार करोड़ रुपये के सिंचाई घोटाले को लेकर जांच के घेरे में थे, लेकिन भाजपा के साथ आने के बाद उन पर लगे आरोपों को लेकर सवाल खत्म मान लिए गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सत्ता में आने के बाद किसी नेता का “दागदार न रहना” अपने आप में कई सवाल खड़े करता है।
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15 जनवरी के बयान का दिया हवाला
संजय राउत ने बताया कि 15 जनवरी को अजित पवार ने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि भाजपा से जुड़े लोगों ने बड़े घोटाले किए हैं। इसके कुछ ही दिनों बाद एक विमान दुर्घटना में उनकी मौत हो गई। राउत ने कहा कि इन घटनाओं की कड़ी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और इसी वजह से निष्पक्ष जांच जरूरी है।
दुर्घटना से आज भी सदमे में सियासत
राउत ने कहा कि अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति का बड़ा चेहरा थे और उनकी मौत ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। उन्होंने बताया कि 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती के पास हुए विमान हादसे में अजित पवार समेत चार अन्य लोगों की जान गई थी। इस हादसे के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने से भी राजनीतिक हलकों में बहस तेज हो गई है।