Rupee vs Dollar : सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय रुपये ने डॉलर के मुकाबले शानदार बढ़त दर्ज की। शुरुआती कारोबार में रुपया 31 पैसे मजबूत होकर 95.12 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 95.10 से 95.35 प्रति डॉलर के दायरे में कारोबार करता दिखा। हाल के सप्ताहों में यह रुपये की सबसे बड़ी मजबूती मानी जा रही है।
क्यों आई रुपये में तेजी?
रुपये की मजबूती के पीछे कई वजहें मानी जा रही हैं। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर हमले को टालने के फैसले के बाद डॉलर पर दबाव बढ़ा। इसके अलावा भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की बैठक से पहले बाजार को उम्मीद है कि ब्याज दरें स्थिर रहेंगी, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है।
शेयर बाजार में भी दिखी तेजी
रुपये की मजबूती के साथ घरेलू शेयर बाजार में भी खरीदारी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 470 अंकों से ज्यादा चढ़ा, जबकि निफ्टी में भी करीब 150 अंकों की बढ़त दर्ज की गई। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भी भारतीय बाजार में निवेश बढ़ाया, जिससे बाजार का माहौल सकारात्मक बना रहा।
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आम लोगों को क्या होगा फायदा?
मजबूत रुपये और सस्ते कच्चे तेल का सबसे बड़ा फायदा आयात पर पड़ेगा। इससे पेट्रोलियम उत्पादों, इलेक्ट्रॉनिक सामान, खाद्य तेल और अन्य आयातित वस्तुओं की लागत कम हो सकती है। अगर यह रुझान जारी रहता है तो आने वाले समय में खुदरा महंगाई पर भी राहत मिलने की संभावना बढ़ सकती है।
विदेश जाने वालों के लिए भी राहत
रुपये की मजबूती का फायदा विदेश यात्रा, विदेश में पढ़ाई और इलाज कराने वाले लोगों को भी मिल सकता है। डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत होने से विदेशी खर्च के लिए कम भारतीय रुपये चुकाने पड़ेंगे। हालांकि, आगे रुपये की चाल वैश्विक हालात, कच्चे तेल की कीमतों और आरबीआई की नीतियों पर निर्भर करेगी।