भारतीय डाक विभाग ने 1 अगस्त 2026 से स्पीड पोस्ट सेवा में बड़ा बदलाव किया है। अब डॉक्यूमेंट और पार्सल की श्रेणियां अलग-अलग होंगी। इसके साथ ही देश के छह प्रमुख महानगरों में 24 घंटे और 48 घंटे की तेज डिलीवरी वाली नई स्पीड पोस्ट सेवाएं भी शुरू की गई हैं। रक्षाबंधन के मौके पर राखी और जरूरी दस्तावेज भेजने वालों के लिए यह बदलाव खास मायने रखता है।
क्या होगा डॉक्यूमेंट, क्या माना जाएगा पार्सल
नए नियमों के तहत पैन कार्ड, आधार से जुड़े पहचान पत्र, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, बैंक पासबुक, चेकबुक, बैंक स्टेटमेंट, क्रेडिट-डेबिट कार्ड, बीमा दस्तावेज, ग्रीटिंग कार्ड और 500 ग्राम तक के गैर-व्यावसायिक राखी वाले लिफाफे व छोटे पैकेट को डॉक्यूमेंट की श्रेणी में रखा गया है। इसके अलावा मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक सामान, कपड़े, गिफ्ट आइटम और अन्य सभी वस्तुएं पार्सल मानी जाएंगी।
24 और 48 घंटे की नई एक्सप्रेस सेवा
डाक विभाग ने तेज डिलीवरी के लिए 24 Speed Post और 48 Speed Post सेवा शुरू की है। 24 स्पीड पोस्ट के तहत 24 घंटे और 48 स्पीड पोस्ट के तहत 48 घंटे के भीतर डिलीवरी का लक्ष्य रखा गया है। फिलहाल यह सुविधा दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में उपलब्ध होगी।
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बदले स्पीड पोस्ट के नए शुल्क
अब स्पीड पोस्ट का शुल्क वजन, दूरी और चुनी गई सेवा के आधार पर तय होगा। 50 ग्राम तक लोकल स्पीड पोस्ट का शुल्क 38 रुपये और देशभर में 50 ग्राम तक भेजने का शुल्क 94 रुपये होगा। 51 से 250 ग्राम तक के लिए 118 से 154 रुपये, 251 से 500 ग्राम तक 140 से 186 रुपये तक शुल्क लगेगा। वहीं 48 स्पीड पोस्ट सेवा के लिए 61 से 121 रुपये तक का शुल्क निर्धारित किया गया है। इन सभी शुल्कों पर लागू जीएसटी अलग से देना होगा।
राखी भेजने से पहले जरूर करें जांच
अगर आप रक्षाबंधन पर राखी, ग्रीटिंग कार्ड या कोई जरूरी दस्तावेज स्पीड पोस्ट से भेजने की योजना बना रहे हैं, तो डाकघर जाने से पहले पैकेट का वजन और उसकी श्रेणी जरूर जांच लें। इससे सही शुल्क पर तेज और आसान डिलीवरी का लाभ मिल सकेगा।