वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच बुधवार को भारतीय रुपये ने मजबूती दिखाई। इंटरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 90.60 पर खुला और शुरुआती कारोबार में 90.67 प्रति डॉलर तक पहुंच गया। यह पिछले बंद स्तर 90.72 के मुकाबले पांच पैसे की बढ़त है। हालांकि अमेरिकी मुद्रा की मजबूती और घरेलू शेयर बाजारों में हल्की कमजोरी ने रुपये की तेजी को सीमित रखा।
क्रूड ऑयल ने दिया सहारा
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.36 प्रतिशत गिरकर 68.40 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारत जैसे आयातक देश के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाती है, जिससे रुपये को समर्थन मिला। साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 995.21 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जिससे मुद्रा को अतिरिक्त बल मिला।
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शेयर बाजार और डॉलर की चाल
डॉलर सूचकांक 0.10 प्रतिशत बढ़कर 97.24 पर पहुंच गया, जो अमेरिकी मुद्रा की मजबूती दर्शाता है। वहीं घरेलू बाजारों में सेंसेक्स 77 अंक गिरकर 83,373 और निफ्टी 26 अंक फिसलकर 25,699 पर कारोबार करता दिखा। मजबूत डॉलर के कारण रुपये की बढ़त सीमित दायरे में रही।
क्या कहते हैं जानकार?
Mirae Asset Sharekhan के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी का मानना है कि डॉलर की मजबूती और पूंजी प्रवाह में उतार-चढ़ाव के चलते रुपये में सीमित दायरे में कारोबार हो सकता है। उनका अनुमान है कि इस सप्ताह डॉलर-रुपया हाजिर दर 90.50 से 91 के बीच रह सकती है। कुल मिलाकर, कच्चे तेल की नरमी और एफआईआई की खरीदारी ने फिलहाल रुपये को सहारा दिया है, लेकिन आगे की दिशा वैश्विक कारकों पर निर्भर करेगी।