Sachin Tendulkar First Century : इंडियन क्रिकेट में 14 अगस्त 1990 की तारीख हमेशा याद रखी जाएगी। यही वह दिन था जब 17 साल के सचिन तेंदुलकर ने इंटरनेशनल क्रिकेट का अपना पहला शतक लगाया था। आगे चलकर सचिन ने 100 इंटरनेशनल शतक बनाए और क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े बल्लेबाजों में अपनी जगह बनाई। 2013 में संन्यास लेने के बाद भी उनके 100 शतकों का रिकॉर्ड कायम है।
इंग्लैंड में खेली थी शानदार पारी
1990 में टीम इंडिया इंग्लैंड दौरे पर थी। चार टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड मैदान पर खेला गया। पहली पारी में सचिन ने 68 रन बनाए थे, लेकिन दूसरी पारी में उन्होंने ऐसा खेल दिखाया जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया। छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे सचिन ने 189 गेंदों में नाबाद 119 रन बनाए। उनकी इस पारी में 17 चौके भी शामिल थे।
मुश्किल समय में संभाली टीम
भारत के सामने चौथी पारी में 408 रन का बड़ा लक्ष्य था। शुरुआत बेहद खराब रही और नवजोत सिंह सिद्धू बिना खाता खोले आउट हो गए। जब सचिन बल्लेबाजी करने आए तब टीम का स्कोर 4 विकेट पर 109 रन था। इसके बाद भी विकेट गिरते रहे और 183 रन पर छठा झटका लग गया। ऐसे समय में 17 साल के सचिन ने जिम्मेदारी संभाली और टीम को संकट से बाहर निकाला।
मनोज प्रभाकर के साथ बनाई बड़ी साझेदारी
सचिन ने मनोज प्रभाकर के साथ सातवें विकेट के लिए 160 रन की नाबाद साझेदारी की। दोनों बल्लेबाज अंत तक डटे रहे और इंग्लैंड को जीत से दूर रखा। उनकी इस साझेदारी की बदौलत भारत मैच बचाने में सफल रहा। यह सिर्फ एक शतक नहीं था, बल्कि ऐसी पारी थी जिसने दिखा दिया कि यह युवा खिलाड़ी बड़े मंच पर दबाव झेलना जानता है।
आज भी कायम है खास रिकॉर्ड
सचिन तेंदुलकर ने यह शतक 17 साल और 107 दिन की उम्र में लगाया था। वह आज भी इंटरनेशनल क्रिकेट में शतक लगाने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बल्लेबाज हैं। टेस्ट क्रिकेट में उनसे कम उम्र में सिर्फ दो खिलाड़ियों ने शतक लगाया है। इस रिकॉर्ड ने उस समय साफ कर दिया था कि इंडियन क्रिकेट को एक बड़ा सितारा मिल चुका है।
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यहीं से शुरू हुई 100 शतकों की कहानी
मैनचेस्टर में लगाया गया यह शतक सचिन के ऐतिहासिक सफर का पहला अध्याय साबित हुआ। इसके बाद उन्होंने टेस्ट और वनडे में रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बनाए। 2013 में जब सचिन ने इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कहा, तब उनके नाम 100 शतक, टेस्ट में 51 शतक और सबसे ज्यादा इंटरनेशनल रन दर्ज थे। 14 अगस्त 1990 को खेली गई वह पारी आज भी उनके करियर की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती है।