ईरान-इजरायल तनाव और होर्मुज स्ट्रेट में संकट के चलते भारत में एलपीजी की कीमतों में तेजी आई है। इसका असर अब आम लोगों की थाली तक पहुंच गया है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड ने अप्रैल की शुरुआत में ही कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए, जिसके बाद खाने-पीने की चीजें महंगी हो गई हैं।
ढाबों और ठेलों पर सीधा असर
एलपीजी महंगा होने का सबसे ज्यादा असर ढाबों, रेस्टोरेंट और सड़क किनारे ठेलों पर पड़ा है। ये सभी दुकानें कमर्शियल सिलेंडर पर निर्भर होती हैं। पहले कुछ दिनों तक कई दुकानदारों ने दुकानें बंद रखीं, लेकिन अब दोबारा शुरू होने के बाद दाम बढ़ाना मजबूरी बन गया है।
दिल्ली-एनसीआर में बढ़े रेट
दिल्ली-एनसीआर में चाय से लेकर समोसे तक हर चीज महंगी हो गई है। जो चाय पहले 10 रुपये में मिलती थी, वह अब 15 रुपये की हो गई है। 15 रुपये वाली चाय 20 रुपये तक पहुंच गई है। समोसा 10 से बढ़कर 15 रुपये का हो गया है, जबकि ब्रेड पकौड़ा 15 से 20 रुपये में मिलने लगा है। छोले-भठूरे की प्लेट 30 से बढ़कर 40 रुपये तक पहुंच गई है।
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दक्षिण भारत में भी असर
महंगाई का असर सिर्फ उत्तर भारत तक सीमित नहीं है। चेन्नई और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी डोसा, इडली और वड़ा महंगे हो गए हैं। डोसे की कीमत में 3 से 15 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है, जबकि इडली और वड़ा भी 3 से 10 रुपये तक महंगे हो गए हैं। राइस डिशेस की कीमतों में भी 5 से 15 रुपये तक का इजाफा देखा गया है।
सिलेंडर के नए दाम
दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 2078.50 रुपये हो गई है। कोलकाता में यह 2208 रुपये, मुंबई में 2031 रुपये और चेन्नई में 2246.50 रुपये तक पहुंच चुका है। यह लगातार चौथा महीना है जब सिलेंडर के दाम बढ़े हैं और चार महीने में करीब 498 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है।
दुकानदारों की मजबूरी
नोएडा के एक ठेला विक्रेता संतोष के मुताबिक सिर्फ कीमत ही नहीं, बल्कि गैस सिलेंडर की उपलब्धता भी बड़ी समस्या बन गई है। कई बार सिलेंडर मिलना मुश्किल हो जाता है और अगर मिलता भी है तो ऊंचे दाम पर। ऐसे में दुकानदारों के पास दाम बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता।
आम जनता पर असर
एलपीजी महंगा होने से खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ गए हैं, जिससे आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है। अगर यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले समय में महंगाई और बढ़ सकती है।