
ASI Sandeep Lathar case: हरियाणा के रोहतक में एएसआई संदीप लाठर की मौत के मामले में आखिरकार लंबा गतिरोध खत्म हो गया है। परिजनों और प्रशासन के बीच समझौते के बाद बुधवार रात पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हुई। सरकार ने मृतक की पत्नी को नौकरी देने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही पुलिस ने एडीजीपी पूरन कुमार की पत्नी आईएएस अमनीत कुमार, पंजाब के एक विधायक के रिश्तेदार, पीएसओ सुशील कुमार और डीआईजी ऑफिस रोहतक के एसआई सुनील कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। अब संदीप लाठर का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव जुलाना (जींद) में किया जाएगा।
सीएम के हस्तक्षेप से सुलझा मामला
इससे पहले परिजन पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर चुके थे और 36 घंटे तक शव गांव लाढौत में रखा गया था। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद संदीप के ननिहाल पहुंचे और परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया। हालांकि, शुरुआत में परिवार नहीं माना, जिसके बाद सीएम ने अपने दो दूत — ओएसडी वीरेंद्र सिंह बड़खालसा और भाजपा नेता सतीश नांदल को भेजा। अधिकारियों और परिवार के बीच बातचीत के बाद सहमति बनी और पोस्टमार्टम की अनुमति दी गई। गुरुवार को पूर्व सीएम और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी पीजीआई में परिजनों से मुलाकात की और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।
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सरकार को मिली बड़ी राहत
यह मामला हरियाणा सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गया था, क्योंकि इससे पहले ADGP पूरन कुमार की मौत ने राजनीतिक तनाव बढ़ा दिया था। संदीप लाठर की आत्महत्या के बाद जाट और दलित समुदायों में नाराजगी देखी जा रही थी। सरकार के हस्तक्षेप के बाद दोनों समुदायों को शांत करने में सफलता मिली है। बता दें, संदीप ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो में एडीजीपी पूरन कुमार और उनकी पत्नी पर वसूली के आरोप लगाए थे। इसी बयान के आधार पर अब सभी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।