Bihar BJP chief: भारतीय जनता पार्टी ने बिहार में संगठनात्मक बदलाव करते हुए संजय सरावगी को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए पार्टी ने यह जिम्मेदारी एक ऐसे नेता को सौंपी है, जो छात्र राजनीति से लेकर विधानसभा तक मजबूत पकड़ रखते हैं। दरभंगा से कई बार विधायक रह चुके संजय सरावगी को संगठन और सरकार, दोनों स्तरों पर काम करने का व्यापक अनुभव है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि उनके नेतृत्व में बिहार बीजेपी आने वाले चुनावी और संगठनात्मक चुनौतियों को मजबूती से सामना करेगी।
छात्र राजनीति से विधायक तक का सफर
संजय सरावगी का राजनीतिक सफर छात्र जीवन से शुरू हुआ। वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे और वहीं से संगठनात्मक राजनीति की बारीकियां सीखीं। वर्ष 1995 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली। इसके बाद 2003 में दरभंगा नगर निगम से वार्ड पार्षद का चुनाव जीतकर उन्होंने स्थानीय राजनीति में अपनी पहचान बनाई। उच्च शिक्षित संजय सरावगी ने मिथिला विश्वविद्यालय से एम.कॉम और एमबीए की पढ़ाई की है, जिसका असर उनके प्रशासनिक और संगठनात्मक निर्णयों में भी देखने को मिलता है।
लगातार जीत, पार्टी का बढ़ता भरोसा
संजय सरावगी 2005 में पहली बार दरभंगा विधानसभा सीट से विधायक चुने गए और इसके बाद 2010, 2015, 2020 और 2025 में लगातार जीत दर्ज की। 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी उमेश सहनी को बड़े अंतर से हराकर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ साबित की। पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर से जारी पत्र में उन्हें तत्काल प्रभाव से बिहार बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष घोषित किया गया। दिलीप जायसवाल के मंत्री बनने के बाद प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर जो सवाल उठ रहे थे, अब उन पर पूर्ण विराम लग गया है। पार्टी को उम्मीद है कि संजय सरावगी के नेतृत्व में बिहार में संगठन और अधिक सशक्त होगा।