Nitin Nabin received: भारतीय जनता पार्टी ने नितिन नबीन को जब राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाने का फैसला किया, उस वक्त वे इससे पूरी तरह अनजान थे। यह फैसला उन्हें किसी औपचारिक बैठक में नहीं, बल्कि एक कार्यक्रम के दौरान फोन कॉल के जरिए पता चला। नितिन नबीन उस समय पटना में अपने विधानसभा क्षेत्र बांकीपुर में पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मान समारोह में मौजूद थे। मंच पर उनके साथ बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी बैठे थे। कार्यक्रम पूरे जोश के साथ चल रहा था, तभी अचानक आए एक फोन कॉल ने पूरे घटनाक्रम की दिशा बदल दी।
स्टेज पर आया फोन, बदला पूरा माहौल
कार्यक्रम के दौरान जब नितिन नबीन का फोन बजा, तब मंच पर शोर काफी ज्यादा था। उन्होंने तुरंत माइक की आवाज कम करने को कहा और स्टेज के पीछे जाकर बात की। यह कॉल करीब 10–15 मिनट तक चली। बातचीत के बाद जब वे वापस मंच पर लौटे, तो उन्होंने सबसे पहले सम्राट चौधरी को इस फैसले की जानकारी दी। मंच पर मौजूद लोगों को तब तक इस बड़े फैसले का अंदाजा भी नहीं था। कुछ ही देर में माहौल गंभीर और उत्सुकता से भर गया, क्योंकि यह साफ हो चुका था कि पार्टी ने नितिन नबीन को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
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कार्यक्रम बीच में छोड़ा, दिल्ली की तैयारी शुरू
फोन कॉल के बाद नितिन नबीन ने अपने स्टाफ को निर्देश दिया कि कार्यकर्ताओं को शाम साढ़े चार बजे पार्टी कार्यालय पहुंचने की सूचना दे दी जाए। आमतौर पर वे ऐसे आयोजनों में अंत तक रुकते हैं और कार्यकर्ताओं के साथ समय बिताते हैं, लेकिन इस बार मामला अलग था। वे तुरंत कार्यक्रम स्थल से अपने आवास के लिए निकल गए और आगे की रणनीति में जुट गए। पार्टी के इस फैसले को नेतृत्व में नई पीढ़ी को आगे लाने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। दिल्ली पहुंचने पर नितिन नबीन ने कहा कि भाजपा में कार्यकर्ता को मेहनत के दम पर आगे बढ़ने का पूरा अवसर मिलता है, और यही पार्टी की असली ताकत है।