मुंबई के युवा बल्लेबाज सरफराज खान ने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में ऐसा प्रदर्शन कर दिया जिसने IPL फ्रेंचाइजी और टीम इंडिया चयनकर्ताओं का ध्यान फिर अपनी ओर खींच लिया। असम के खिलाफ मुकाबले में सरफराज ने अपने टी20 करियर का पहला शतक जमाया। उन्होंने सिर्फ 47 गेंदों पर नाबाद 100 रन ठोक दिए, जिसमें 8 चौके और 7 लंबी छक्के शामिल थे। यह पारी ऐसे समय आई है जब सरफराज टीम इंडिया में जगह पाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहे हैं और घरेलू क्रिकेट में रन बनाकर भी इंतजार कर रहे हैं।
IPL ऑक्शन से पहले दमदार खेल
सरफराज की यह पारी उनके करियर के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। दरअसल, दिसंबर के अंत में IPL 2026 का मेगा ऑक्शन होना है और पिछले सीजन में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें रिटेन नहीं किया था। सरफराज अनसोल्ड भी रहे थे। लेकिन अब 47 गेंदों का यह तूफान IPL टीमों को साफ संदेश देता है कि वह केवल लाल गेंद नहीं, बल्कि सफेद गेंद के भी बड़े मैच-विनर हैं। कई फ्रेंचाइजी मिडिल ऑर्डर में धुआंधार भारतीय बल्लेबाज की खोज में हैं और सरफराज ने उसी वक्त अपने बल्ले से जोरदार दस्तक दी है।
मुंबई की पारी को मिला बढ़ा सहारा
मुंबई ने इस मैच में टॉस हारने के बावजूद शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। टीम ने 20 ओवरों में 4 विकेट खोकर 220 रन का बड़ा स्कोर खड़ा कर दिया। सरफराज के अलावा टीम के सीनियर खिलाड़ी अजिंक्य रहाणे ने 42 रन बनाए और एक मजबूत शुरुआत दी। सूर्यकुमार यादव ने 20 रन, आयुष म्हात्रे ने 21 रन और साईराज पाटिल ने अंत में 9 गेंदों पर नाबाद 25 रन जोड़ते हुए पारी को तूफानी अंदाज दिया। सरफराज की पारी पूरी मुंबई की बल्लेबाजी का केंद्र बनी रही।
इसे भी पढ़ें : Yogi ने झटके में लिए 20 बड़े फैसले, Aodhya से Varanasi तक विकास की नई तस्वीर तैयार, जानिए युवाओं को क्या मिला ?
चयनकर्ताओं को मिला बड़ा संकेत
पिछले दो वर्षों में सरफराज खान घरेलू क्रिकेट में रनों का पहाड़ खड़ा कर चुके हैं। रणजी ट्रॉफी में लगातार बड़े शतक, भारत के लिए डेब्यू टेस्ट में अर्धशतक इसके बावजूद टीम इंडिया में उनकी एंट्री नहीं हो पाई। लेकिन सफेद गेंद में यह सदी उनके लिए बड़ा मोड़ साबित हो सकती है। यह प्रदर्शन साफ बताता है कि सरफराज किसी भी गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ मैच का रुख अकेले बदलने की क्षमता रखते हैं। अब देखना होगा कि टीम इंडिया और IPL के चयनकर्ता इस धमाकेदार फार्म को कितना महत्व देते हैं।