CBSE OSM News: इन दिनों एक 17 साल के छात्र की खूब चर्चा हो रही है। इस छात्र का नाम सार्थक सिद्धांत है। सीबीएसई 12 वीं बोर्ड में ऑन स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में गड़बड़ियों को बेहद तार्किक तरीके से उठाकर चर्चा में आए सार्थक सिद्धांत संसद भवन में संसदीय स्थायी समिति के सामने पेश हुए, जहां उन्हें शिक्षा, महिला, बच्चे, युवा और खेल से संबंधित संसदीय स्थायी समिति के सामने प्रेजेंटेशन देने के लिए बुलाया गया था। कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह की अध्यक्षता वाली समिति में शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने सार्थक ने ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम की खामियों से लेकर टेंडर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के बारे में बताया।
समिति के अध्यक्ष ने क्या कहा?
संसदीय समिति के अध्यक्ष कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह ने कहा कि सार्थक सिद्धांत ने अपना प्रेजेंटेशन दे दिया है। अब यह समिति को तय करना है कि CBSE द्वारा दिए गए जवाबों पर क्या निर्णय लिया जाए। उन्होंने कहा कि समिति ने OSM सिस्टम और छात्रों की तरफ से उठाई गई समस्याओं की समीक्षा भी की है। यह छात्रों के भविष्य से जुड़ा बहुत गंभीर मामला है। छात्रों के हित में हर संभव कदम उठाए जाएंगे। समिति अध्यक्ष ने कहा कि अब सीबीएसई की तरफ से दिए गए जवाबों पर फैसला लेना कमेटी का काम है।
OSM को लेकर पूछे गए सवाल
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सार्थक ने जिस तरह का रिसर्च वर्क करके अपनी बात समिति के सामने रखी है, उससे सदस्य भी काफी प्रभावित हुए। इस बैठक में सीबीएसई चेयरमैन समेत दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों से ऑन स्क्रीन मार्किंग को लेकर छात्रों को हुई दिक्कतों के बारे में सवाल भी पूछे गए।
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क्या है पूरा मामला?
सीबीएसई ने इस बार कक्षा 12वीं की कॉपियों को कंप्यूटर पर जांचने के लिए 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग' (OSM) सिस्टम शुरू किया था। जब नतीजे आए, तो सार्थक सिद्धांत अपने नंबरों से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने इस पूरे सिस्टम की गहराई से रिसर्च की और ब्लॉग के जरिए इस सिस्टम से जुड़ी कमियों को उजागर किया। उन्होंने अपने नतीजों में यह आरोप लगाया कि सीबीएसई ने कोएम्प्ट एडुटेक को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों में बदलाव किए।
शिक्षा मंत्रालय ने मांगा जवाब
आपको बता दें कि ऑन स्क्रीन मार्किंग का टेंडर सीबीएसई ने जिस कंपनी को दिया उस प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। इस मामले में शिक्षा मंत्रालय ने भी सीबीएसई से जवाब मांगा है। वहीं सार्थक के प्रेजेंटेशन के बाद समिति सीबीएसई के जवाब को भी देखेगी।
सार्थक की हो रही तारीफ
सार्थक के ब्लॉग को सोशल मीडिया पर देश के बड़े नेताओं ने भी शेयर किया है। राहुल गांधी ने सार्थक क ब्लॉग शेयर करते हुए कहा कि आज की नई पीढ़ी (Gen Z) बेहद प्रतिभाशाली है और किसी से डरती नहीं है। वहीं, अरविंद केजरीवाल ने भी इस ब्लॉग को शेयर किया और आरोप लगाया कि सरकार ने एक विवादित कंपनी को टेंडर देकर लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया है।
सीबीएसई ने क्या कहा
वहीं सीबीएसई ने अपनी सफाई में कहा कि उन्होंने सभी नियमों का ईमानदारी से पालन किया है। कंपनी को यह टेंडर इसलिए मिला क्योंकि उसकी बोली सबसे सस्ती थी। मूल्यांकन में जो भी कमियां हैं, उन्हें सुधारा जा रहा है।