Satyendar Jain Bail : दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सत्येंद्र जैन को दिल्ली जल बोर्ड के कथित STP घोटाले के मामले में बड़ी राहत मिली है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें 2 लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी है। जैन को भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने 18 अगस्त को गिरफ्तार किया था।
वकील ने गिरफ्तारी पर उठाए सवाल
जमानत सुनवाई के दौरान सत्येंद्र जैन की ओर से वरिष्ठ वकील एन. हरिहरन ने अदालत में कहा कि मामले के दर्ज होने के करीब 27 महीने बाद गिरफ्तारी की गई। उन्होंने दलील दी कि इस दौरान जैन को केवल एक बार पूछताछ के लिए बुलाया गया था और दूसरी बार बुलाने पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
दस्तावेजी साक्ष्यों का दिया हवाला
बचाव पक्ष ने अदालत को बताया कि मामले से जुड़े सभी साक्ष्य दस्तावेजी प्रकृति के हैं और जांच एजेंसियां पहले ही जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में ले चुकी हैं। ऐसे में जमानत देने से जांच प्रभावित होने की आशंका नहीं है।
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ACB ने किया जमानत का विरोध
भ्रष्टाचार निरोधक शाखा ने जमानत याचिका का विरोध करते हुए दावा किया कि सत्येंद्र जैन आदतन अपराधी हैं। जांच एजेंसी ने अदालत से कहा कि जमानत पर फैसला करते समय इस पहलू को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए। हालांकि अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत मंजूर कर ली।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला मई 2024 में दिल्ली सरकार के सतर्कता निदेशालय की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। आरोप है कि दिल्ली जल बोर्ड की सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) परियोजनाओं के उन्नयन से जुड़े ठेकों में टेंडर की शर्तों में हेरफेर किया गया। मामले में आपराधिक साजिश और कथित रिश्वतखोरी के आरोप भी शामिल हैं।
पहले गिरफ्तारी को चुनौती नहीं मिली थी राहत
इससे पहले 19 अगस्त को अदालत ने सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी को अवैध घोषित करने की मांग खारिज कर दी थी। अब ताजा आदेश में उन्हें जमानत मिल गई है। हालांकि मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।