SCSS Investment Plan : 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के लोगों के लिए रिटायरमेंट के बाद नियमित कमाई सबसे बड़ी जरूरतों में से एक होती है। ऐसे में भारत सरकार की Senior Citizen Savings Scheme यानी SCSS एक विकल्प है। ये योजना खासतौर पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए बनाई गई है, जिसमें तय ब्याज के जरिए नियमित आय हासिल की जा सकती है। इसमें मिलने वाला ब्याज हर तिमाही बैंक खाते में जमा किया जाता है।
8.2 फीसदी सालाना ब्याज का फायदा
वित्त वर्ष 2026 में SCSS पर 8.2 फीसदी सालाना ब्याज दर बताई गई है। ब्याज का भुगतान हर तिमाही 1 अप्रैल, 1 जुलाई, 1 अक्टूबर और 1 जनवरी को किया जाता है। यानी निवेशक को ब्याज के लिए स्कीम की अवधि खत्म होने का इंतजार नहीं करना पड़ता। रिटायरमेंट के बाद नियमित खर्चों के लिए ये तिमाही भुगतान उपयोगी हो सकता है।
12.20 लाख लगाने पर 25 हजार
अगर कोई व्यक्ति हर तीन महीने में करीब 25 हजार रुपये ब्याज के तौर पर पाना चाहता है, तो 12.20 लाख रुपये का निवेश करना होगा। 8.2 फीसदी की दर से इस रकम पर सालाना ब्याज करीब 1,00,040 रुपये बैठेगा। यानी हर तिमाही करीब 25,010 रुपये ब्याज मिलेगा। SCSS में एक व्यक्ति अधिकतम 30 लाख रुपये तक निवेश कर सकता है। पति-पत्नी अलग-अलग खाते खोलकर कुल 60 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं।
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पांच साल के लिए होता है निवेश
SCSS में सामान्य तौर पर अकाउंट पांच साल की अवधि के लिए खोला जाता है। अवधि पूरी होने के बाद इसे तीन साल के लिए बढ़ाने का विकल्प भी मिलता है। मौजूदा नियमों के तहत निवेश के समय लागू ब्याज दर उस अकाउंट की अवधि के दौरान लागू रहती है, हालांकि विस्तार की स्थिति में नई ब्याज दर के नियम लागू हो सकते हैं। इस वजह से निवेश से पहले मौजूदा शर्तों को जरूर देखना चाहिए।
डाकघर और बैंक में खुलेगा खाता
SCSS अकाउंट पोस्ट ऑफिस या अधिकृत बैंकों में खोला जा सकता है। योजना सरकार समर्थित है, लेकिन इसका ब्याज टैक्स के दायरे में आता है। अगर वित्त वर्ष में ब्याज एक तय सीमा से ज्यादा होता है तो TDS लागू हो सकता है। पात्र निवेशक Form 15H जैसी सुविधा का इस्तेमाल नियमों के मुताबिक कर सकते हैं। निवेश करने से पहले अपनी टैक्स स्थिति और योजना की मौजूदा शर्तों की जांच करना जरूरी है।