Sea Traffic Rules COLREGs : सड़क की तरह समुद्र में भी नियम होते हैं, लेकिन वहां न ट्रैफिक सिग्नल होते हैं और न ही सड़क की लेन। जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नियम बनाए गए हैं। इन्हें COLREGs (International Regulations for Preventing Collisions at Sea) कहा जाता है। यह नियम तय करते हैं कि दो जहाज आमने-सामने आने पर किसे रास्ता देना होगा, कौन से संकेत और लाइटें इस्तेमाल करनी होंगी और टक्कर से कैसे बचना है।
किसने बनाए ये नियम?
समुद्री यातायात के इन नियमों को 1972 में International Maritime Organization (IMO) ने तैयार किया था। यह 1977 से लागू हैं। दुनिया के अधिकांश देशों ने इन्हें स्वीकार किया है और इनके पालन की जिम्मेदारी अपने-अपने क्षेत्र में तय की गई है।
तटीय क्षेत्र में कौन है समुद्र की पुलिस?
जब कोई जहाज किसी देश के समुद्री क्षेत्र या तट के पास होता है, तब नियम लागू कराने की जिम्मेदारी उस देश के कोस्ट गार्ड की होती है। भारत में यह काम भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) करता है। तटरक्षक बल समुद्री सुरक्षा, तस्करी रोकने, अवैध मछली पकड़ने और समुद्री नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करता है।
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खुले समुद्र में कौन करता है निगरानी?
अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र में स्थिति अलग होती है। वहां किसी एक देश की पुलिस नहीं होती। ऐसे में जहाज जिस देश में पंजीकृत होता है, उस देश को फ्लैग स्टेट कहा जाता है। जहाज पर नियमों के पालन और किसी दुर्घटना की जांच की प्राथमिक जिम्मेदारी उसी फ्लैग स्टेट की होती है।
नियम तोड़ने पर क्या सजा मिलती है?
यदि किसी जहाज ने समुद्री नियमों का उल्लंघन किया और उससे दुर्घटना हुई, तो जांच के बाद कप्तान या जहाज संचालक पर जुर्माना लगाया जा सकता है। गंभीर मामलों में लाइसेंस निलंबित हो सकता है, मुआवजा देना पड़ सकता है और कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। कार्रवाई संबंधित देश के कानूनों के अनुसार होती है।
क्या समुद्र में भी चालान जैसा सिस्टम है?
सीधे सड़क की तरह ई-चालान नहीं काटा जाता, लेकिन समुद्री नियमों के उल्लंघन पर जांच एजेंसियां रिपोर्ट तैयार करती हैं। इसके आधार पर जुर्माना, प्रतिबंध या अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाती है। बड़े मामलों में यह विवाद अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकता है और दो देशों के बीच कूटनीतिक मुद्दा भी बन सकता है।