शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 200 से ज्यादा अंकों की बढ़त के साथ 76,000 के स्तर को पार कर गया। वहीं निफ्टी भी हरे निशान में कारोबार करता दिखाई दिया। वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया, जिसका असर घरेलू बाजार पर साफ नजर आया।
तनाव कम होने से मिली राहत
बाजार की तेजी की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की खबरें मानी जा रही हैं। पिछले कुछ दिनों से पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव को लेकर निवेशकों में चिंता थी। लेकिन हालात में नरमी आने की उम्मीद से वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बना है। इससे भारतीय बाजार को भी मजबूती मिली।
कच्चे तेल में गिरावट का असर
भारत जैसे आयात आधारित देश के लिए कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट राहत की खबर मानी जाती है। तेल सस्ता होने से आयात बिल पर दबाव कम पड़ सकता है और महंगाई को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। इसी उम्मीद ने निवेशकों का उत्साह बढ़ाया और बाजार में खरीदारी देखने को मिली।
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एशियाई बाजारों से मिला समर्थन
जापान, दक्षिण कोरिया और अन्य एशियाई बाजारों में भी तेजी का माहौल देखने को मिला। वैश्विक निवेशकों का रुझान जोखिम वाले निवेश की तरफ बढ़ने लगा है। इसका सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया। विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर भी बाजार की नजर बनी हुई है।
अमेरिकी बाजारों का भी साथ
अमेरिकी शेयर बाजारों में रिकॉर्ड स्तर की तेजी ने भी भारतीय बाजार को मजबूती दी। तकनीकी कंपनियों में खरीदारी और वैश्विक तनाव कम होने की उम्मीद से वहां के प्रमुख सूचकांक नई ऊंचाइयों पर पहुंचे। इसका असर एशियाई और भारतीय बाजारों में भी दिखाई दिया।
निवेशकों की नजर आगे के संकेतों पर
हालांकि बाजार में फिलहाल उत्साह का माहौल है, लेकिन निवेशकों की नजर अब वैश्विक घटनाक्रम, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेश के रुख पर बनी रहेगी। अगर अंतरराष्ट्रीय माहौल सकारात्मक बना रहता है, तो आने वाले दिनों में बाजार में और मजबूती देखने को मिल सकती है। फिलहाल सेंसेक्स का 76 हजार के पार पहुंचना निवेशकों के लिए बड़ी राहत और भरोसे का संकेत माना जा रहा है।