अमेरिकी शेयर बाजार में आई तेज गिरावट का असर अब भारत में भी दिखने लगा है। सोमवार को अमेरिका में डाउ जोंस 800 से ज्यादा अंक टूट गया था। इसके बाद मंगलवार को जब भारतीय बाजार खुले, तो शुरुआत से ही दबाव देखने को मिला। निवेशकों में घबराहट का माहौल नजर आया और बाजार खुलते ही बड़ी गिरावट दर्ज हुई।
सेंसेक्स-निफ्टी की कमजोर शुरुआत
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर से नीचे खुला और कुछ ही मिनटों में 700 अंक तक फिसल गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी गिरावट के साथ 25,600 के नीचे आ गया। शुरुआती कारोबार में ही दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में रहे और बाजार में बिकवाली का दबाव साफ दिखा।
आईटी शेयरों में ज्यादा मार
इस गिरावट का सबसे ज्यादा असर आईटी सेक्टर पर पड़ा। इंफोसिस, टीसीएस, एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा जैसे बड़े शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। कई आईटी कंपनियों के शेयर 3 से 4 प्रतिशत तक टूट गए। निवेशकों ने इन शेयरों में तेजी से मुनाफावसूली की, जिससे सेक्टर पर ज्यादा दबाव बना।
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विदेशी संकेत रहे मिले-जुले
विदेशी बाजारों से संकेत पूरी तरह नकारात्मक नहीं थे, लेकिन स्थिति साफ भी नहीं थी। जापान का निक्केई बढ़त में था, जबकि हांगकांग, जर्मनी और ब्रिटेन के बाजार गिरावट में कारोबार कर रहे थे। ऐसे में भारतीय बाजार को स्पष्ट दिशा नहीं मिली और निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
टैरिफ विवाद ने बढ़ाई चिंता
अमेरिका में टैरिफ को लेकर चल रहे विवाद ने वैश्विक बाजारों में तनाव बढ़ा दिया है। राष्ट्रपति के सख्त रुख और अदालत के फैसले के बाद की स्थिति ने अनिश्चितता बढ़ा दी है। इसका असर दुनिया भर के निवेशकों की सोच पर पड़ा है। यही वजह है कि बाजारों में उतार-चढ़ाव तेज हो गया है।
आगे कैसी रह सकती है चाल
विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक हालात साफ नहीं होते, बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। फिलहाल निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। भारतीय बाजार की बुनियादी स्थिति मजबूत मानी जा रही है, लेकिन बाहरी घटनाएं अल्पकाल में असर डाल सकती हैं।