Sensex Falls 950 Points : अक्टूबर महीने के पहले कारोबारी दिन शेयर बाजार में जोरदार गिरावट देखने को मिली. सुबह मामूली कमजोरी के साथ खुले बाजार में दोपहर तक हालात पूरी तरह बदल गए. बिकवाली का दबाव इतना बढ़ा कि सेंसेक्स 950 अंक से अधिक टूट गया, जबकि निफ्टी भी 300 अंकों से ज्यादा फिसल गया. अचानक आई इस गिरावट से निवेशकों के बीच चिंता का माहौल बन गया.
दोपहर बाद तेज हुई बिकवाली
कारोबार की शुरुआत में बाजार सीमित दायरे में बना रहा, लेकिन दोपहर करीब एक बजे के बाद बिकवाली ने रफ्तार पकड़ ली. बीएसई सेंसेक्स 72 हजार के ऊपर कारोबार कर रहा था, लेकिन कुछ ही समय में यह 71,527 अंक तक पहुंच गया. दूसरी तरफ निफ्टी भी लगातार दबाव में रहा और 22,301 अंक के स्तर तक खिसक गया. बाजार में कमजोरी का असर लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों में दिखाई दिया.
बड़े शेयरों में सबसे ज्यादा नुकसान
बाजार की गिरावट का सबसे ज्यादा असर दिग्गज कंपनियों के शेयरों पर पड़ा. मारुति, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा स्टील, आईटीसी, अदाणी पोर्ट्स, बीईएल और एचयूएल जैसे प्रमुख शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखे. ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी दर्ज की गई, जहां कई कंपनियों के शेयर 3 प्रतिशत से अधिक टूट गए. भारी बिकवाली के कारण निवेशकों की संपत्ति में भी बड़ा नुकसान हुआ.
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मझोली और छोटी कंपनियों के शेयर भी फिसले
गिरावट केवल बड़ी कंपनियों तक सीमित नहीं रही. मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव साफ दिखाई दिया. पॉलिसी बाजार, यूपीएल, भारत फोर्ज और एयू बैंक जैसे शेयरों में उल्लेखनीय कमजोरी दर्ज की गई. वहीं कई छोटी कंपनियों के शेयरों में 5 से 7 प्रतिशत तक की गिरावट देखने को मिली. इससे बाजार का व्यापक रुझान नकारात्मक बना रहा.
विदेशी निवेशकों की बिकवाली बनी वजह
विश्लेषकों के अनुसार बाजार में आई इस कमजोरी के पीछे विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी बड़ी वजह रही. बीते कई कारोबारी सत्रों से विदेशी फंड भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं. अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के बाद वैश्विक निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश साधनों की ओर बढ़ा है. इससे भारतीय बाजारों पर दबाव और बढ़ गया.
रुपये की कमजोरी ने बढ़ाई चिंता
डॉलर के मुकाबले रुपये में आई गिरावट ने भी निवेशकों का भरोसा कमजोर किया. रुपया 95.98 के स्तर तक पहुंच गया, जिससे विदेशी निवेश और बाजार धारणा पर असर पड़ा. वहीं अस्थिरता मापने वाला इंडिया वीआईएक्स भी करीब 5 प्रतिशत उछल गया. जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में विदेशी निवेशकों की चाल और वैश्विक संकेत बाजार की दिशा तय करेंगे.