बुधवार को शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई, लेकिन कारोबार के आखिरी घंटे में बिकवाली तेज हो गई। सेंसेक्स करीब 1900 अंक तक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी में भी 550 अंकों से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। बड़ी कंपनियों से लेकर मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों तक लगभग हर सेक्टर दबाव में नजर आया।
ट्रंप के बयान से बढ़ी चिंता
इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान को लेकर दिया गया सख्त बयान माना जा रहा है। ट्रंप ने कहा कि अब ईरान के साथ किसी नई डील की कोई संभावना नहीं है। उनके इस बयान से पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका तेज हो गई, जिसका असर दुनिया भर के वित्तीय बाजारों पर दिखाई दिया।
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कच्चा तेल भी हुआ महंगा
तनाव बढ़ने के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज उछाल आया। ब्रेंट क्रूड 79 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड भी 75 डॉलर के ऊपर निकल गया। तेल महंगा होने से महंगाई और वैश्विक आर्थिक दबाव बढ़ने की चिंता भी निवेशकों को सताने लगी।
हर सेक्टर में दिखी बिकवाली
बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के दौरान कई प्रमुख शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिए बड़े पैमाने पर मुनाफावसूली की, जिससे पूरे बाजार का माहौल कमजोर हो गया। अब निवेशकों की नजर वैश्विक घटनाक्रम और आगे आने वाले आर्थिक संकेतों पर टिकी हुई है।