भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। पिछले कारोबारी दिन भारी बिकवाली के बाद बाजार में खरीदारी लौटी और दोनों प्रमुख सूचकांक बढ़त के साथ खुले। बीएसई सेंसेक्स शुरुआत में ही 380 अंक से अधिक चढ़ा और कुछ ही मिनटों में 500 अंक से ज्यादा की बढ़त लेकर 77,000 के स्तर के ऊपर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी भी 150 अंक से अधिक मजबूत होकर 24,000 के स्तर के पार कारोबार करता दिखाई दिया।
बुधवार को क्यों टूटा था बाजार?
बुधवार को वैश्विक तनाव बढ़ने के बाद निवेशकों में घबराहट देखी गई थी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान के साथ समझौते को लेकर दिए गए बयान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा और सेंसेक्स करीब 1,600 अंक तक टूट गया, जबकि निफ्टी में भी 500 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान निवेशकों की बड़ी रकम बाजार से साफ हो गई थी।
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किन शेयरों ने संभाला बाजार?
गुरुवार की तेजी में कई बड़े शेयरों ने अहम भूमिका निभाई। लार्जकैप कंपनियों में इटरनल, सन फार्मा, भारती एयरटेल, एशियन पेंट्स, आईसीआईसीआई बैंक, टाइटन, रिलायंस, ट्रेंट और एचयूएल जैसे शेयर बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए। वहीं मिडकैप वर्ग में डिक्सन टेक्नोलॉजी, लॉरस लैब्स, गोदरेज प्रॉपर्टीज और नायका के शेयरों में भी अच्छी तेजी रही। स्मॉलकैप कंपनियों में वेलकॉर्प, आईआईएफएल और पीजीईएल जैसे शेयर निवेशकों की पसंद बने।
तेजी की वजह क्या रही?
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार में आई इस तेजी की सबसे बड़ी वजह निचले स्तरों पर हुई वैल्यू बायिंग रही। भारी गिरावट के बाद कई निवेशकों ने अच्छे शेयरों में खरीदारी का मौका देखा, जिससे बाजार को सहारा मिला। इसके अलावा बाजार में डर का संकेत माने जाने वाला इंडिया वीआईएक्स भी गिरावट के साथ कारोबार करता दिखा, जिससे निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ। हालांकि वैश्विक स्तर पर अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतें अभी भी बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक बने हुए हैं। आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर इन्हीं वैश्विक घटनाक्रमों पर रहेगी।