Holding Urine Side Effects: ऑफिस की लंबी मीटिंग, सड़क पर भारी ट्रैफिक या फिर यात्रा के दौरान कई लोग यूरिन को घंटों तक रोके रखते हैं। लेकिन क्या आप ये जानते हैं कि आपकी ये आदत कितनी खतरनाक हो सकती है। डॉक्टरों के मुताबिक, देखने में सामान्य लगने वाली यह आदत पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है और सेहत पर इसके शॉर्ट- लॉन्ग-टर्म बेहद गंभीर नुकसान हो सकते हैं।
तुरंत होने वाली परेशानियां
यूरोलॉजिस्ट डॉ. मंगेश पाटिल का कहना है कि जब हमारा ब्लैडर आधा भरा होता है, तो वह आराम से यूरिन को रोक सकता है। लेकिन जब इसे बहुत लंबे समय तक अत्यधिक भरा हुआ रखा जाता है, तो यूरिनरी सिस्टम पर प्रेशर बढ़ जाता है। कम समय में इससे पेट के निचले हिस्से में दर्द, यूरिनरी ट्रेक में जलन, यूरिन रेटेंशन और यूरिनरी ट्रेक इंफेक्शन की संभावना बढ़ सकती है। महिलाएं विशेष रूप से संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील होती हैं क्योंकि मूत्र मार्ग के बार-बार खाली न होने पर बैक्टीरिया मूत्र मार्ग में अधिक समय तक जीवित रह सकते हैं।
लॉन्ग-टर्म में होने वाले गंभीर नुकसान
डॉक्टर का कहना है कि लॉर्ग टर्म साइट इफेक्ट ज्यादा गंभीर हो सकते हैं। लगातार यूरिन रोकने से ब्लैडर की मांसपेशियां कमजोर हो सकती है। लंबे समय तक पेशाब रोकने से ब्लैडर का काम प्रभावित हो सकता है। समय के साथ ब्लैडर पूरी तरह से खाली होने में मुश्किल हो सकती है जिससे यूरिन का जमाव हो सकता है।
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पथरी और किडनी डैमेज की समस्या
जब यूरिन लंबे समय तक अंदर जमा रहता है, तो डिहाइड्रेशन के कारण यूरिन में यूरिक एसिड के क्रिस्टल बनने लगते हैं। यही ठहराव आगे चलकर मूत्राशय में पथरी का कारण बनता है। समय के साथ संवेदनशील व्यक्तियों में लगातार हाई ब्लैडर प्रेशर के कारण किडनी भी प्रभावित हो सकती है।
इन लोगों को बरतनी चाहिए सबसे ज्यादा सावधानी
डॉक्टरों के अनुसार, प्रोस्टेट वाले मरीज, डायबिटीज पैशेंट, गर्भवती महिलाएं, बच्चों और बुजुर्ग पुरुषों को यूरिन रोकने की गलती बिल्कुल नहीं करनी चाहिए क्योंकि ये यूरिनरी समस्याओं के प्रति सबसे अधिक संवेदनशील होते हैं।