Nashik IT Company: महाराष्ट्र के नासिक स्थित एक निजी आईटी कंपनी में कथित जबरन धर्मांतरण और यौन उत्पीड़न के मामले ने गंभीर रूप ले लिया है। इस मामले में अब तक सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें छह पुरुष और एक महिला शामिल हैं, जबकि एक अन्य महिला कर्मचारी फरार बताई जा रही है। पुलिस को इस मामले में कुल नौ शिकायतें मिली हैं, जिनकी जांच जारी है।
सनसनीखेज दावा
मामले में एक संविदा कर्मचारी ने दावा किया है कि आरोपियों में से एक व्यक्ति अन्य कर्मचारियों को हिंदू लड़कियों से संबंध बनाने और शादी करने के लिए उकसाता था। गवाह के अनुसार, उसे धर्म बदलने के लिए भी दबाव डाला गया और आरोपियों द्वारा अपने धर्म का प्रचार किया जाता था। उसने यह भी आरोप लगाया कि इस पूरी गतिविधि में एचआर विभाग के कुछ लोगों की भूमिका थी और उन्हें इसके लिए आर्थिक सहयोग भी मिलता था।
कर्मचारियों को बनाया निशाना
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने कंपनी में नए और कमजोर कर्मचारियों को निशाना बनाया। जांच एजेंसियों के अनुसार, प्रशिक्षण टीम और मानव संसाधन विभाग के पास कर्मचारियों की निजी जानकारी होती थी, जिसका उपयोग कथित तौर पर संभावित शिकारों की पहचान के लिए किया गया। कई शिकायतकर्ताओं ने मानसिक और यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
उत्पीड़न के आरोप
जांच में यह भी सामने आया है कि एक आरोपी ने एक महिला कर्मचारी को शादी का झूठा वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इसके अलावा, कुछ कर्मचारियों के साथ अनुचित व्यवहार, अपमानजनक टिप्पणियां और निजी जीवन में हस्तक्षेप जैसे आरोप भी लगे हैं। शिकायतों के बावजूद कंपनी प्रबंधन द्वारा उचित कार्रवाई नहीं किए जाने की बात भी सामने आई है।
धर्म के नाम पर दबाव और धमकी
पुलिस के अनुसार, कुछ कर्मचारियों को नमाज़ पढ़ने के लिए मजबूर करने और उनके धर्म का अपमान करने के आरोप भी लगे हैं। वहीं, महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने एचआर विभाग में शिकायत की, तो उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जो सभी पहलुओं की जांच कर रहा है।