
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक दुखद घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया. यहां के पॉश इलाके दुर्गा एन्क्लेव में रहने वाले 35 साल के करोड़पति कारोबारी सचिन ग्रोवर, उनकी पत्नी शिवांगी और चार साल के बेटे फतेह ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. इस खबर ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे शहर में सनसनी फैला दी. मरने से पहले शिवांगी ने अपनी मां को व्हाट्सएप पर 36 पेज का सुसाइड नोट भेजा, जिसमें आत्महत्या की वजह बताई गई थी. आइए, इस मामले को विस्तार से समझते हैं-
सचिन ग्रोवर शाहजहांपुर के एक नामी कारोबारी थे. वह अपने परिवार के साथ दुर्गा एन्क्लेव में 2200 स्क्वायर फीट के दो मंजिला मकान में रहते थे. इस मकान की कीमत करोड़ों में थी. सचिन के पिता विजय कुमार का कुछ साल पहले निधन हो चुका था. वह अपनी मां और दो भाइयों रोहित और गौरव के साथ रहते थे. सचिन ने आठ साल पहले अपने घर के सामने रहने वाली शिवांगी (30) से प्रेम विवाह किया था. शादी के बाद सचिन और शिवांगी घर की पहली मंजिल पर रहने लगे, जबकि बाकी परिवार ग्राउंड फ्लोर पर रहता था. सचिन के दोनों भाई भी शादीशुदा हैं और हैंडलूम के कारोबार में हैं. सचिन के शहर में "पानीपत हैंडलूम" नाम से दो शोरूम थे.
पति पत्नी और बेटी ने चुनी मौत
बुधवार को सचिन के घर से कोई हलचल न होने पर परिवार को शक हुआ. उन्होंने खिड़की से झाँककर देखा तो दृश्य देखकर दंग रह गए. सचिन का शव ड्राइंग रूम में और शिवांगी का शव बेडरूम में फंदे से लटका था. दूसरे कमरे में उनके चार साल के बेटे फतेह की लाश पड़ी थी. परिवार ने तुरंत दरवाजा तोड़ा और तीनों को अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और जांच शुरू की. जांच में पता चला कि शिवांगी ने अपनी मां को 36 पेज का सुसाइड नोट व्हाट्सएप पर भेजा था. नोट में लिखा था, "मेरी वजह से आप लोग परेशान रहते हैं. अब आप लोग आराम से रहिएगा." इसमें आर्थिक तंगी और कर्ज का जिक्र था. मकान और गाड़ी के कर्ज ने उन्हें परेशान कर रखा था.
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परिवार नहीं कर पा रहा यकीन
सचिन की भाभी ज्योति ने बताया कि मंगलवार शाम को सब कुछ सामान्य लग रहा था. सचिन, शिवांगी और फतेह मस्ती कर रहे थे. कोई तनाव नहीं दिखा. ज्योति ने कहा, "उन्होंने मुझसे मोबाइल चार्जर भी मांगा था. पता नहीं ये सब कब और क्यों हुआ." इस घटना ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया, खासकर सचिन की मां को, जिन्हें यकीन नहीं हो रहा कि उनका बेटा, बहू और पोता अब इस दुनिया में नहीं हैं. यह घटना न सिर्फ परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक बड़ा सवाल छोड़ गई है. आर्थिक तंगी और मानसिक दबाव कितना खतरनाक हो सकता है, यह इस मामले से साफ है. पुलिस जांच में और क्या सामने आता है, यह देखना बाकी है.