
Sharda University: ग्रेटर नोएडा की शारदा यूनिवर्सिटी में बीडीएस की छात्रा ज्योति शर्मा की आत्महत्या का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. 18 जुलाई को हॉस्टल में फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाली छात्रा ने अपने सुसाइड नोट में कई प्रोफेसरों पर मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे. इस मामले पर अब सुप्रीम कोर्ट के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी संज्ञान लिया है. आयोग की अध्यक्ष विजया किशोर रहाटकर ने यूपी के डीजीपी से तीन दिन के अंदर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है.
महिला आयोग और परिजनों ने उठाए सवाल
राष्ट्रीय महिला आयोग ने मीडिया रिपोर्टों के आधार पर मामले को गंभीर बताया है और निष्पक्ष व पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने को कहा है. आयोग ने यह भी पूछा है कि विश्वविद्यालय द्वारा गठित जांच समिति अब तक अपनी रिपोर्ट क्यों नहीं दे पाई। दूसरी ओर, छात्रा के पिता रमेश जांगड़ा और मां सुनीता ने यूनिवर्सिटी पहुंचकर जांच समिति के सामने बयान दिया। परिजनों का आरोप है कि शिक्षकों द्वारा प्रोजेक्ट पर हस्ताक्षर में टालमटोल की जाती थी, जिससे ज्योति मानसिक तनाव में थी। उन्होंने रिपोर्ट में देरी और प्रशासन की लापरवाही को लेकर नाराजगी भी जताई.
जांच में तेजी, दो प्रोफेसर गिरफ्तार
अब तक पुलिस 50 से अधिक लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है और दो प्रोफेसरों – डॉ. शैरी वशिष्ठ और डॉ. महिंदर सिंह चौ
न को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जांच समिति ने बताया है कि परिजनों का पक्ष देर से मिलने के कारण रिपोर्ट अधूरी रही, जिसे अब सोमवार तक पुलिस को सौंपा जाएगा. सुप्रीम कोर्ट और महिला आयोग की निगरानी में अब यह जांच और तेज हो गई है, और दोष सिद्ध होने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है.