
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा मोड़ आ गया है. समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव अब पूरी तरह फ्रंटफुट पर आ गए हैं. रामभद्राचार्य द्वारा पश्चिमी यूपी को मिनी पाकिस्तान कहने पर शिवपाल ने सधा हुआ जवाब दिया और कहा उन्हें कुछ दिखाई नहीं देता, ऐसे लोगों पर तरस आता है. इतना ही नहीं, उन्होंने सीधे-सीधे सवाल दाग दिया कि आखिर योगी राज में वेस्ट यूपी कैसे मिनी पाकिस्तान बन गया. इस बयान से सियासी माहौल गरमा गया और साफ हो गया कि चाचा अब असली खेल खेलने के मूड में हैं.
कानून-व्यवस्था और एनकाउंटर पर हमला
शिवपाल यादव ने सिर्फ बयानबाजी नहीं की, बल्कि बीजेपी सरकार की कानून-व्यवस्था पर सीधा वार किया. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने वादा किया था कि महिलाएं आधी रात को भी सुरक्षित निकल सकेंगी, लेकिन हकीकत इससे उलट है. कई मामलों में तो पुलिस रिपोर्ट तक दर्ज नहीं करती. उन्होंने यूपी में हो रहे एनकाउंटरों को दिखावा बताया और कहा कि बीजेपी के कानून-व्यवस्था के दावे पूरी तरह खोखले हैं. उनके इस बयान से साफ हो गया कि विधानसभा चुनाव से पहले शिवपाल जनता के असली मुद्दों को भुनाने की रणनीति बना रहे हैं.
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चुनावी रणनीति का किया शिवपाल ने ऐलान
मीडिया से बातचीत में शिवपाल यादव ने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी बड़ी रणनीति का खुलासा किया. उन्होंने कहा कि सपा संगठन का मकसद समाजवादी वोटों को कटने से बचाना है. बीजेपी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि बीजेपी की सरकारें वोट चोरी से बनी हैं. शिवपाल ने साफ ऐलान किया कि इस बार सपा कार्यकर्ता यूपी के 75 जिलों में वोट चोरी रोकेंगे और बीजेपी को सीधी चुनौती देंगे. उनका ये बयान न सिर्फ सपा कार्यकर्ताओं में जोश भर रहा है, बल्कि विपक्ष के लिए नई मुश्किलें खड़ी कर रहा है.
चाचा-भतीजे की जुगलबंदी का संदेश
शिवपाल यादव अब खुले तौर पर अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने की बात कर रहे हैं और खुद रणनीतिकार की भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं. हाल ही में उन्होंने जनता के सबसे बड़े मुद्दे बिजली बिल पर भी सरकार को घेरा और कहा कि स्मार्ट मीटरों की वजह से जनता का बिल दुगना-तिगुना हो गया है. उनके इन तेवरों ने साफ कर दिया कि चुनावी रणभूमि में अब चाचा और भतीजे की जुगलबंदी ही बीजेपी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनने वाली है. राजनीतिक पंडितों का मानना है कि शिवपाल के मैदान में उतरने से यूपी की राजनीति में अब असली खेला होना तय है.