टी20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम से शुभमन गिल का बाहर होना भारतीय क्रिकेट में सबसे चौंकाने वाले फैसलों में गिना जा रहा है। एशिया कप से ठीक पहले जिस खिलाड़ी को उपकप्तान बनाया गया था वही अब वर्ल्ड कप की टीम में जगह नहीं बना पाया। गिल को भविष्य का बड़ा चेहरा माना जा रहा था लेकिन इस फैसले ने साफ कर दिया कि टी20 फॉर्मेट में उनकी स्थिति अभी मजबूत नहीं मानी जा रही। टीम मैनेजमेंट ने संकेत दे दिए हैं कि नाम नहीं प्रदर्शन ही चयन की सबसे बड़ी कसौटी है। गिल के बाहर होने से फैंस के साथ साथ क्रिकेट एक्सपर्ट्स भी हैरान हैं और सवाल पूछ रहे हैं कि ऐसा अचानक क्यों हुआ।
के श्रीकांत ने फैसले को सही बताया
इस फैसले के बाद टीम इंडिया के पूर्व चयनकर्ता और दिग्गज बल्लेबाज के श्रीकांत खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने शुभमन गिल को ड्रॉप किए जाने को बिल्कुल सही बताया और नए चयनकर्ताओं को बधाई तक दे डाली। श्रीकांत पहले भी गिल को टी20 में ओवररेटेड खिलाड़ी बता चुके हैं। उनका मानना है कि टी20 में आक्रामकता और निरंतरता सबसे जरूरी है और गिल इन दोनों कसौटियों पर अभी पीछे हैं। श्रीकांत के बयान से यह साफ हो गया कि गिल को लेकर क्रिकेट जगत में मतभेद लंबे समय से चल रहे थे जो अब फैसले में बदल गया।
तीन चयनकर्ताओं ने किया विरोध
सबसे बड़ा खुलासा यह है कि शुभमन गिल को बाहर करने का फैसला गौतम गंभीर या अजीत अगरकर का नहीं बल्कि तीन चयनकर्ताओं की सहमति से हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक चयन समिति दो हिस्सों में बंट गई थी। अगरकर और गंभीर गिल को टीम में रखना चाहते थे लेकिन तीन चयनकर्ता इसके खिलाफ थे। नियम के मुताबिक पांच सदस्यीय समिति में अगर तीन सदस्य किसी खिलाड़ी के पक्ष में नहीं होते तो उसका चयन नहीं हो सकता। सोशल मीडिया पर चर्चा है कि नए चयनकर्ता प्रज्ञान ओझा और आरपी सिंह इस फैसले में अहम भूमिका में रहे हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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अब आगे क्या करेंगे गिल ?
टी20 वर्ल्ड कप से बाहर होने के बाद शुभमन गिल का फोकस अब घरेलू और वनडे क्रिकेट पर होगा। वह फिलहाल पंजाब टीम के साथ विजय हजारे ट्रॉफी खेलते नजर आएंगे और इसके बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में भी हिस्सा लेंगे। गिल के लिए यह दौर बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि अगर सफेद गेंद में उनका प्रदर्शन नहीं सुधरता तो वनडे फॉर्मेट में भी खतरे की घंटी बज सकती है। टी20 से बाहर होना गिल के करियर का अंत नहीं बल्कि एक चेतावनी है कि टीम इंडिया में जगह अब नाम से नहीं बल्कि मैच जिताने वाले प्रदर्शन से मिलेगी।