Shubman Gill Weakness : भारत और श्रीलंका के बीच दूसरे टेस्ट से पहले टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल अपनी बल्लेबाजी की एक बड़ी कमजोरी को दूर करने में जुट गए हैं। गॉल टेस्ट में भारतीय टीम ने शानदार जीत दर्ज की थी, लेकिन गिल का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। दोनों पारियों में वह श्रीलंका के बाएं हाथ के स्पिनर प्रभात जयसूर्या का शिकार बने। अब कोलंबो टेस्ट से पहले गिल ने अपनी तैयारी का पूरा फोकस इसी चुनौती पर रखा है।
गॉल टेस्ट में दो बार फंसे
पहले टेस्ट की पहली पारी में शुभमन गिल सिर्फ 16 रन बना सके थे, जबकि दूसरी पारी में उनका स्कोर 8 रन रहा। दोनों बार प्रभात जयसूर्या ने उन्हें पवेलियन भेजा। गिल की बल्लेबाजी में एक बार फिर वही कमजोरी दिखाई दी, जो पिछले कुछ वर्षों से उनके लिए परेशानी बनी हुई है। बाएं हाथ के स्पिनरों के खिलाफ उनका संघर्ष गॉल टेस्ट में साफ नजर आया।
आंकड़े भी बढ़ा रहे चिंता
टेस्ट क्रिकेट में शुभमन गिल अब तक 42 मुकाबले खेल चुके हैं। इनमें बाएं हाथ के स्पिनरों ने उन्हें 11 बार आउट किया है। उनकी सबसे बड़ी समस्या गेंद की लाइन को पूरी तरह कवर नहीं कर पाना मानी जाती है। विरोधी टीमें भी इस कमजोरी को समझ चुकी हैं और लगातार इसी रणनीति पर काम कर रही हैं। यही वजह है कि दूसरे टेस्ट से पहले गिल ने इस पहलू पर विशेष ध्यान दिया है।
नेट्स में घंटों किया अभ्यास
कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर अभ्यास सत्र के दौरान गिल ने लंबे समय तक बाएं हाथ के स्पिनरों का सामना किया। उन्होंने मानव सुथार, रवींद्र जडेजा और कुछ स्थानीय स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ बल्लेबाजी की। इस दौरान गिल ने डिफेंस, फुटवर्क और अलग-अलग शॉट्स पर काम किया। उनका लक्ष्य बाएं हाथ के स्पिनरों के खिलाफ अपनी तकनीक को और मजबूत बनाना रहा।
बाकी स्पिनरों के खिलाफ शानदार रिकॉर्ड
दिलचस्प बात यह है कि गिल सिर्फ बाएं हाथ की स्पिन के खिलाफ संघर्ष करते नजर आते हैं। ऑफ स्पिन और लेग स्पिन के खिलाफ उनका रिकॉर्ड काफी बेहतर है। इन दोनों तरह के स्पिनरों के खिलाफ उनका औसत करीब 61 का है। वहीं सभी प्रकार की स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ उनका कुल औसत लगभग 48 का है। इससे साफ है कि समस्या किसी भी स्पिन से नहीं, बल्कि खास तौर पर बाएं हाथ के स्पिनरों से जुड़ी हुई है।
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कोलंबो टेस्ट में होगी कड़ी परीक्षा
भारत सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाए हुए है और उसकी नजर दूसरे टेस्ट के साथ सीरीज जीतने पर होगी। ऐसे में कप्तान शुभमन गिल की बल्लेबाजी बेहद अहम रहने वाली है। कोलंबो में उनकी तैयारी यह संकेत दे रही है कि वह अपनी कमजोरी को अच्छी तरह पहचान चुके हैं और उसे दूर करने के लिए मेहनत भी कर रहे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि क्या गिल मैदान पर अपनी तैयारी को प्रदर्शन में बदल पाते हैं या फिर श्रीलंका के स्पिनर एक बार फिर उन्हें मुश्किल में डालते हैं।