सर्राफा बाजार में चांदी ने ऐसा उछाल दिखाया कि निवेशक भी चौंक गए। राष्ट्रीय राजधानी में चांदी की कीमत 9,750 रुपये की जोरदार बढ़त के साथ 2,27,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। यह अब तक का नया रिकॉर्ड माना जा रहा है। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, मंगलवार को चांदी 2,17,250 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सफेद धातु ने इतिहास रचते हुए 72 डॉलर प्रति औंस का स्तर पार कर लिया, जिसने घरेलू कीमतों को और हवा दी।
क्यों चमक रही है चांदी
विशेषज्ञों के अनुसार चांदी की कीमतों में इस तेजी के पीछे कई बड़े कारण हैं। कमजोर अमेरिकी डॉलर, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में नरमी की उम्मीद और लगातार बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव चांदी को मजबूत सहारा दे रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो कैलेंडर वर्ष में चांदी 1,37,300 रुपये यानी करीब 153 प्रतिशत तक उछल चुकी है। 31 दिसंबर 2024 को जहां चांदी 89,700 रुपये प्रति किलो थी, वहीं अब यह दोगुने से ज्यादा कीमत पर कारोबार कर रही है।
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सोने की चाल क्या कहती है
चांदी के मुकाबले सोने की घरेलू कीमतों में हल्की सुस्ती देखने को मिली। स्थानीय बाजार में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना अपने रिकॉर्ड स्तर से थोड़ा फिसल गया। मंगलवार के मुकाबले सोना 50 रुपये कमजोर होकर 1,40,800 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता नजर आया। हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कहानी अलग रही। स्पॉट गोल्ड ने पहली बार 4,500 डॉलर प्रति औंस का आंकड़ा पार कर 4,525 डॉलर से ऊपर पहुंचकर नया रिकॉर्ड बना दिया।
विदेशी बाजार से मिल रहा सपोर्ट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी दोनों ही सुरक्षित निवेश के रूप में निवेशकों की पहली पसंद बने हुए हैं। स्पॉट सिल्वर लगातार चौथे दिन बढ़त के साथ 72.70 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई। वहीं सोने ने पिछले चार सत्रों में करीब 4 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दिखाई है। जानकारों का कहना है कि अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव, फेड की नरम नीति की उम्मीद और डॉलर की कमजोरी ने बुलियन को मजबूत सहारा दिया है। ऐसे में आने वाले दिनों में कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।