
आज के दौर में हर किसी के पास स्मार्टफोन है, लेकिन इसको लंबे समय तक अच्छे से चलाने के लिए कुछ आदतें बदलनी जरूरी हैं. लोग बैटरी बचाने या परफॉर्मेंस बढ़ाने के लिए कई बार ऐसे काम कर बैठते हैं, जो उल्टा नुकसान पहुंचा देते हैं. अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो अब सावधान हो जाइए.
बार-बार ऐप्स बंद करना गलत
कई लोगों का सोचना है कि ऐप्स को बार-बार बंद कर देने से फोन की बैटरी बच जाती है, लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं होता है. वास्तव में एंड्रॉइड और आईओएस सिस्टम अपने आप उन ऐप्स को “फ्रीज” कर देते हैं जो इस्तेमाल में नहीं होते हैं. यानी वे बैकग्राउंड में रहते हैं, पर बैटरी नहीं खींचते है. जब आप ऐप्स को खुद से बंद करते हैं, तो बाद में सिस्टम को उन्हें फिर से शुरू करना पड़ता है. जिससे और ज्यादा बैटरी खर्च होती है.
फोन को फुल डिस्चार्ज ना करें
इसके अलावा आजकल के स्मार्टफोन में लिथियम-आयन बैटरियां होती हैं, जिन्हें बार-बार जीरो तक डिस्चार्ज करना नुकसानदायक होता है. आप कोशिश करें कि बैटरी 20% से 80% के बीच रहे. कभी-कभी उसे पूरी तरह डिस्चार्ज करना ठीक होता है, लेकिन यह रोज़ाना करने की आदत नहीं बनानी चाहिए. ये फोन के लिए नुकसानदायक हो सकता है.
क्लीनर या बूस्टर ऐप्स को हटा दें
इसके साथ ही अगर आपके फोन में भी Clean Master, Battery Saver Pro या ऐसे किसी “क्लीनर” ऐप का इस्तेमाल हो रहा है, तो अब उन्हें हटा दें. आज के स्मार्टफोन्स में पहले से सिस्टम ऑप्टिमाइजेशन के फीचर होते हैं. ये ऐप्स सिर्फ बेकार डेटा हटाते हैं लेकिन परफॉर्मेंस में कोई खास सुधार नहीं करते हैं.
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अपडेट से सिक्योरिटी और सिस्टम परफॉर्मेंस बेहतर
कई लोग मानते हैं कि सॉफ्टवेयर अपडेट करने से फोन स्लो या खराब हो जाता है, जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है. हर अपडेट के साथ सिक्योरिटी और सिस्टम परफॉर्मेंस बेहतर हो जाती है. इसलिए जब भी फोन में नया अपडेट आए, तो उसे इंस्टॉल करना आपके फोन की सेहत के लिए जरूरी है.