सोशल मीडिया पर अक्सर छोटे बंदरों के प्यारे वीडियो लोगों का ध्यान खींच लेते हैं। कोई डायपर पहने दिखता है तो कोई बोतल से दूध पीता नजर आता है। लेकिन इन मासूम वीडियो के पीछे एक खतरनाक और दर्दनाक कारोबार छिपा है। अमेरिका में सोशल मीडिया के जरिए बंदरों और दूसरे प्राइमेट्स की खुलेआम खरीद-बिक्री का मामला तेजी से बढ़ रहा है। यह सिर्फ जानवरों का व्यापार नहीं बल्कि एक गंभीर तस्करी नेटवर्क बन चुका है।
सिर्फ 6 हफ्तों में चौंकाने वाला खुलासा
एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया कि केवल 6 हफ्तों की निगरानी के दौरान सोशल मीडिया पर 1600 से ज्यादा जीवित प्राइमेट्स बिक्री के लिए मिले। कई पोस्ट में मकाक, मार्मोसेट, कैपुचिन और लीमर जैसे जानवरों को नए घर या गोद देने के नाम पर दिखाया गया। इनकी कीमत लगभग 24 हजार रुपये से लेकर 6 लाख रुपये से ज्यादा तक पहुंच रही है।
शब्दों का खेल और तस्करी का जाल
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि तस्कर सीधे बिक्री शब्द का इस्तेमाल नहीं करते। वे 'रेस्क्यू', 'एडॉप्शन' और 'रीहोमिंग' जैसे शब्द लिखते हैं। इससे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के नियमों से बच निकलना आसान हो जाता है। ऊपर से यह सब जानवरों की मदद जैसा दिखाई देता है लेकिन असलियत पूरी तरह अलग होती है।
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एक बच्चे के लिए मां की मौत
रिपोर्ट्स बताती हैं कि खरीदार छोटे बंदरों को ज्यादा पसंद करते हैं। ऐसे में शिकारी पहले जंगल में मां को मारते हैं और फिर उसके बच्चे को उठा ले जाते हैं। कई मामलों में पूरा झुंड बचाने आता है और बड़ी संख्या में जानवर मारे जाते हैं। इसके बाद छोटे बच्चों को बैगों में भरकर लंबी तस्करी यात्रा कराई जाती है जहां कई रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं।
मैक्सिको सीमा बना बड़ा रास्ता
अमेरिका में इस तस्करी का सबसे बड़ा रास्ता मैक्सिको बॉर्डर माना जा रहा है। हर साल हजारों जानवरों को सीमा पार ले जाने की कोशिश होती है। कई मामलों में ड्रग गिरोहों के शामिल होने की भी बात सामने आई है। पिछले महीनों में कई बेबी स्पाइडर मंकी पकड़े गए हैं लेकिन जानकारों का मानना है कि असली संख्या इससे कहीं ज्यादा हो सकती है।
जानवर ही नहीं इंसानों के लिए भी खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ वन्यजीवों का संकट नहीं है। बंदरों से इंसानों में कई गंभीर बीमारियां भी फैल सकती हैं। इसके अलावा बड़े होने के बाद ये जानवर बेहद आक्रामक भी हो सकते हैं। विशेषज्ञ लगातार चेतावनी दे रहे हैं कि अगर समय रहते सख्त कानून और कार्रवाई नहीं हुई तो यह काला कारोबार और खतरनाक रूप ले सकता है।